कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से प्रतिबंधित किए जाने के बाद भी बाजार से गुटखा गायब नहीं हो सका है। तमाम दुकानदार मुनाफा कमाने के लिए चोरी- छिपे गुटखा बेच रहे हैं। जैसे ही सरकारी कर्मी का वाहन नजर आता है, वैसे ही दुकान का शटर गिरा देते हैं। कई दुकानदार दुकान का अाधा शटर गिराए रहते हैं तो कुछ लोग घर से ही गुटखा, बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू बेच रहे हैं। जो लोग इसके शौकीन या लती हैं, वे इसे पाने के लिए हर कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं। नामचीन कंपनी का गुटखा जिसकी कीमत पांच, दस व बीस रुपये थी, वह अब प्रतिबंध के बाद आसमान छू रहे हैं। वर्तमान में मुनाफाखोरी के पांच रुपये का गुटखा दस रुपये में, दस रुपये वाला बीस में, बीस वाला चालीस रुपये में बिक रहा है। तंबाकू का पांच रुपये का पैकेट बीस रुपये में बेचा जा रहा है। सिगरेट दस रुपये वाली पंद्रह रुपये में बेची जा रही है। इसी तरह बीड़ी का बंडल पांच रुपये का दस रुपये में मिल रहा है। इस मुनाफाखोरी के धंधे में कई दुकानदार उतर आए हैं। वहीं, ध्रूमपान के शौकीन व लती खुद को ठगा सा पा रहे हैं। उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज ने कहा कि गुटखा की बिक्री पर रोक लगाई गई है। यदि कोई दुकानदार इसे बेच रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शीघ्र ही सर्च अभियान चलाया जाएगा।