ललितपुर। नेहरू नगर की अनुसूचित जाति बस्ती में दो साल पहले बनाए गए सामुदायिक भवन का अभी तक सुगम रास्ता नहीं बन पाया है। यहां की नालियां अस्त-व्यस्त होने से गंदा पानी भवन के नजदीक भरा रहता है, इस कारण स्थानीय लोग इसे उपयोग में नहीं ले पा रहे हैं। बारिश के दिनों में यहां की स्थिति बहुत खराब हो जाती है।
मलिन बस्तियों का सर्वांगीण विकास करने के मकसद से यहां पर सड़क, नाली और सामुदायिक भवनों का निर्माण कराया जाता है। पूर्व सांसद/केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने स्थानीय क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत बीते वर्षों में सामुदायिक भवन का निर्माण दस लाख रुपये की लागत से कराया था। इसका लोकार्पण प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने तीन अगस्त 2018 को किया था। इस दौरान सामुदायिक भवन तक पहुंचने के लिए रास्ते के निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गया। इसकी कमी आज भी स्थानीय लोगों को खलती है।
सामुदायिक भवन के सामने का रास्ता पूरी तरह कच्चा है। इसके अलावा ढलान होने के कारण नाली का गंदा पानी भवन के बगल में एकत्रित हो जाता है। बारिश के दिनों में इसके पास पहुंचना दुश्कर हो जाता है। वर्तमान में भवन से सटकर कीचड़ बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब से इस भवन का निर्माण हुआ है, तब से लोग इसे उपयोग में नहीं ले पाए हैं। इसकी वजह से कीचड़युक्त रास्ता व समीप में बह रहा गंदा पानी है। नगर पालिका को इस संबंध में कई बार अवगत कराया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
अनुसूचित बस्ती में समस्याओं का बोलबाला है। यहां आधी-अधूरी सड़कों का निर्माण किया गया है। यही हाल नालियों का भी है, जिस कारण बारिश में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है।
- श्रीबाई
नेहरू नगर में अनेक सड़कें व नालियां कच्ची हैं। यहां सबसे बड़ी समस्या नालियों की है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी जब बारिश के पानी के साथ एकत्रित होता है तो ऐसा लगता है कि कोई यहां से नाला बह रहा हो। बहुत दूर-दूर से पानी सिमटकर यहां से निकलता है।
- बृजलाल
बस्ती में कोई भी सफाई कर्मी सफाई के लिए नहीं आता है। यहां के लोगों को खुद ही नालियों की सफाई करनी पड़ती है। वरना, घर के सामने तक कीचड़ फैल जाता है। बारिश में घर से बच्चे भी नहीं निकल पाते हैं, उन्हें फिसलने का डर सताता रहता है।
- रविंद्र सिंह
सामुदायिक भवन से लेकर जहां तक नजर पहुंचती है, वहां सड़क पर कीचड़ दिखाई देता है। कुछ जगहों पर पेवर ब्रिक्स की सड़कें डाली हैं, जिन्हें एक दूसरे से जोड़ा नहीं गया है। जिससे बारिश में सड़कें साफ-सुथरी नहीं रह पाती हैं।
- अजय यादव
सामुदायिक भवन की चहारदीवारी का निर्माण किया जाना है। लॉकडाउन की वजह से यहां कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, जिस स्थान पर गंदा पानी भर रहा है, वहां समतलीकरण कराया जाएगा।
- रजनी साहू, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद