ललितपुर। जनपद की प्रसिद्ध देवस्थली ग्राम देवगढ़ तक रोड निर्माण का कार्य केंद्र व प्रदेश शासन की योजनाओं के बीच फंस गया है। देवगढ़ रोड निर्माण किस निधि व किस योजना में किया जाए, इसको लेकर असमंजस की स्थिति है। एक ओर जहां केंद्रीय मार्ग निधि से टू-लेन देवगढ़ रोड का निर्माण 53.77 करोड़ रुपए की लागत से किए जाने को मंजूरी मिल चुकी है, तो मुख्यमंत्री ने ललितपुर से देवगढ़ तक फोर-लेन रोड निर्माण की घोषणा की है। तय नहीं हो पा रहा है कि रोड निर्माण कब और किस निधि में शुरू किया जाए।
जनपद की देव स्थली देवगढ़ प्राचीन चंदेल वंशीय दशावतार मंदिर के साथ ही जैन मंदिरों में सैकड़ों जैन प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां देश के विभिन्न जनपदों के साथ ही विदेशी पर्यटक भी घूमने आते हैं। जबकि जैन समाज द्वारा आए दिन यहां धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। इसके चलते हजारों जैन भक्तों का देवगढ़ आना-जाना लगा रहता है। वहीं, देवगढ़ में ही पहाड़ी से विशाल बेेतवा नदी का मुहाना आकर्षक छटा बिखेरता है। इतनी अमूल्य धरोहर तक पहुंचने में पर्यटकों को ललितपुर से देवगढ़ तक 32 किलोमीटर का सफर लग्जरी वाहनों से भी तय करने में सड़क की स्थिति खराब होने के कारण काफी मशक्कत करनी होती है। जनपदवासियों द्वारा विभिन्न संगठनों के माध्यम से कई बार ललितपुर से देवगढ़ तक सड़क का निर्माण करने के साथ ही चौड़ीकरण करने की मांग की जा चुकी है। इसके चलते केंद्र शासन द्वारा करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ललितपुर से देवगढ़ तक 32 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण केंद्रीय मार्ग निधि से कराए जाने को मंजूरी दी गई थी, जो सात मीटर चौड़ाई का बनाया जाना है। सीआरएफ योजना के तहत इस रोड के निर्माण को केंद्र शासन द्वारा 53.77 करोड़ रुपये के बजट की भी स्वीकृति मिल चुकी है। जबकि गत चार माह पूर्व 19 अप्रैल को देवगढ़ की यात्रा के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पारसनाथ मंदिर के दर्शन करने के बाद जैन दर्शनार्थियों और प्राचीन दशावतार मंदिर तक पर्यटकों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए ललितपुर से देवगढ़ तक 32 किलोमीटर के मार्ग को फोर-लेन बनाने की घोषणा कर दी थी, इसके तहत यह रोड घंटाघर से देवगढ़ तक 15 मीटर चौड़ाई का बनाया जाना प्रस्तावित है।
लोक निर्माण विभाग द्वारा केंद्रीय मार्ग निधि से देवगढ़ तक रोड निर्माण के लिए सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा देवगढ़ तक फोर-लेन रोड निर्माण की घोषणा पर भी सर्वे करवा लिया गया है। दोनों ही योजनाओं टू-लेन या फोर-लेन रोड का निर्माण शहर के घंटाघर से स्टेशन तिराहे होते हुए देवगढ़ तक किया जाना प्रस्तावित है। लेकिन लोक निर्माण विभाग में देवगढ़ रोड का निर्माण किया जाने को लेकर दुविधा उत्पन्न हो गई है कि देवगढ़ तक केंद्रीय मार्ग निधि के तहत टू-लेन रोड का निर्माण किया जाए या फिर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार देवगढ़ तक फोर-लेन रोड निर्माण को धन स्वीकृति की इंतजार किया जाए। ऐसे में केंद्र व प्रदेश शासन के बीच देवगढ़ तक टू-लेन व फोर-लेन रोड निर्माण किए जाने को लेकर पेंच फंस गया है। इसके चलते लोक निर्माण विभाग द्वारा एक बार फिर से दोनों योजनाओं के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के पास भेजा है कि आखिर देवगढ़ तक किस योजना के तहत रोड का निर्माण कार्य कराया जाए। अब देखना होगा कि ललितपुर से देवगढ़ तक रोड निर्माण का किस योजना के तहत और कब तक शुरू किया जाता है।
पैदल यात्रा के लिए बनेंगे फुटपाथ, डिवाइडर
ललितपुर। ललितपुर के घंटाघर से देवगढ़ तक रोड का निर्माण किसी भी योजना में किया जाए, लेकिन शहर में पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए रोड के दोनों ओर पैदल फुटपाथ का निर्माण भी किया जाएगा। जबकि वाहनों के सुगमता पूर्वक संचालन के लिए रोड के बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा।
केंद्र से ललितपुर देवगढ़ योजना के दो लेन निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। अब यह रोड दो लेन बननी है या फोर लेन इसके लिए शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। निर्देश प्राप्ति के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
- रामसूरत वर्मा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग