ललितपुर। लगातार 48 घंटे की झमाझम बारिश से नदी, नाले उफना गए। रविवार सुबह से ही नदी व नालों पर पुल के ऊपर से पानी का बहाव हो गया। इससे कई मार्गों पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा। यह हाल जिला मुख्यालय से लेकर गांव तक की सड़कों का रहा। लोग 20 से 50 किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाने को मजबूर दिखे।
महरौनी। कस्बा से सौजना मार्ग में जमड़ार नदी पर बांध है। रविवार को बांध के गेट खोले जाने से जमड़ार नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे ग्राम पाली के पास स्थित रपटा पर डेढ़ से दो फीट पानी आ गया। लोग जान जोखिम में डालकर पैदल व दो पहिया वाहन, ट्रैक्टर भी निकालते नजर आए। रपटा से निकलते समय एक दो पहिया वाहन गिर गया। इसके बाद भी लोग बेपरवाह होकर निकलते रहे।
वहीं शहर में गोविंद सागर बांध के गेट खुलने से उफनाई शहजाद नदी से मुख्य मार्ग के पुल पर पानी आ गया। पुल पर पांच से छह फीट तक पानी होने से आवागमन बंद हो गया। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग बंद कर दिया। जो लोग यहां तक पहुंचे, पानी देखकर वापस हो गए। लोगों को हाईवे से पांच किलोमीटर का चक्कर लगाकर जाना पड़ा। गलियों में भीड़ बढ़ने से कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
नदीपुरा स्थित पुल पर भी शहजाद नदी का पानी आ गया। यह मार्ग भी बंद हो गया। मुख्य मार्ग के पुल के पास पानी देखकर लौटे लोग नदीपुरा से निकलने की आस में आए। यहां हालत देखकर फिर वापस होना पड़ा।
नदी के उफान पर होने से आसपास की गलियों में पानी जमा हो गया। इससे लोग पुल तक भी नहीं पहुंच सके। नदी पार रह रहे लोगों का शहर से संपर्क खत्म हो गया। ऐसे में हाईवे ही सहारा बना।
शहर में ब्याना नाला भी रविवार दिनभर उफान पर रहा। बड़ापुरा-रामनगर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। पुल पर पांच फीट से अधिक पानी बह रहा था। पुल के साथ ही गलियों तक में पानी हो गया। मोहल्लावासियों को जेल से इलाइट चौराहा होकर लगभग दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा।
नगर पालिका ने खिरकापुरा में बूढ़ेबाबा मंदिर के पास पुल का निर्माण कराया है। लेकिन, इसके दोनों ओर सड़क का निर्माण शेष है। रविवार को उफनाए ब्याना नाले ने सुविधाओं की पोल खोल दी। पुल के ऊपर से लगभग दो फीट पानी बह रहा था।
महरौनी। कस्बा के सौजना रोड स्थित बल्लू साहू के बगल वाली कच्ची गली में कीचड़ युक्त पानी भर गया है। पानी निकलने के लिए नाली भी नहीं है। नाराहट रोड के पास रामराजा कॉलोनी में भी पानी भरने से लोग बेहाल रहे। इसी तरह नायक कॉलोनी के रास्ते में पानी भरने से लोगों को निकलने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।