सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने मार्च 2016 से पॉलिथीन बिक्री व उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन यह सिर्फ कागजों तक सीमित है। जनपद में इस प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से व खुलेआम हो रहा है, जिसको रोकने वाला कोई नहीं है।
प्रदेश में पॉलिथीन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी प्रदेश पर्यावरण नियंत्रण मंत्रालय को सौंपी गई है। शहर क्षेत्र में पॉलिथीन की बिक्री व उपयोग पर रोक लगाने की जिम्मेदारी मुख्य रुप से नगर पालिका को सौंपी गई है, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आलम यह है कि शहर की कुछ ही बड़ी दुकानों को छोड़कर बाकी सभी हाथ ठेलों, फुटपाथ व बड़ी-छोटी समस्त दुकानों पर प्रतिबंधित पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से व खुलेआम हो रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों ने शुरुआती दौर में प्रतिबंधित पॉलिथीन के उपयोग पर रोक लगाने के लिए दिलचस्पी दिखाई थी और छापामार कार्रवाई के साथ जागरुकता अभियान भी चलाया था, लेकिन समय बीतते-बीतते सारा मामला ठंडा पड़ गया।
विगत अप्रैल माह में पालिका ने बाजार से करीब डेढ़ कुंतल से अधिक पॉलिथीन एक ही दिन में जब्त की थी, इस दौरान नगर पालिका ने झांसी पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड झांसी के अधिकारियों से काफी वाहवाही भी लूटी थी, लेकिन वहीं दूसरी और स्थानीय व्यापारियों व व्यापारी संगठनों के विरोध का सामना भी नगर पालिका केे करना पड़ा था। नगर पालिका की सख्ती को देखते हुए पॉलिथीन के उपयोग में काफी कमी आई थी और दुकानदार भी अपनी दुकानों में पॉलिथीन छिपाकर रखने लगे थे, लेकिन विगत चार-पांच माह से नपा कर्मियों ने इस अभियान से अपना मुंह मोड़ लिया है।
अब नगर पालिका के अधिकारी द्वारा शहर में केवल महीने में कभी कभार ही पॉलिथीन उपयोग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ छापामारी कार्रवाई की जाती है वह भी जब पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड झांसी से कोई अधिकारी आते हैं। लेकिन बड़े व्यापारियों के विरोध से सहमें नगर पालिका अधिकारी व बोर्ड के अधिकारी छापामारी के दौरान बड़े व्यापारियों व दुकानदारों की ओर मुख नहीं करते वह केवल शहर की मुख्य सड़कों पर लगे हाथ ठेलों, नझाई बाजार व सब्जी मंडी में स्थित फुटपाथी व्यापारियों के पास से कुछ किलो ग्राम पॉलिथीन जब्त करके इतिश्री कर लेते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की मंशा नहीं हो पा रही पूरी
पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के पीछे सुप्रीम कोर्ट व शासन की मंशा थी कि इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।पाॅिलथीन का सेवन करने से पशुओं की मौत न हो सके। लेकिन शहर में बड़े पैमाने पर हो रहे पॉलिथीन के उपयोग से सुप्रीम कोर्ट व शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।
इनका कहना है
नगर में पॉलिथीन के खिलाफ समय -समय पर अभियान चलाया जाता है। कुछ दिनों से अभियान बंद चल रहा है, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा और पॉलिथीन बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार अधिशासी अधिकारी नगर पालिका