ललितपुर। जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में खराब पड़े फ्रीजरों को लेकर प्रकाशित समाचार के बाद सदर विधायक ने भी अस्पताल प्रबंधन पर न सुनने के आरोप लगाए थे। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा में हड़कंप मच गया। बुधवार को देर रात्रि में खराब फ्रीजर की मरम्मत कराकर दुरुस्त किए गए।
जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी के फ्रीजर खराब पड़े हुए थे। 23 जुलाई को एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। देर होने के चलते शव को मोर्चरी के फ्रीजर में रखा दिया। फ्रीजर खराब होने से उसी रात में नेवला घुस गया और नेवला ने शव को कुतर दिया था। इस मामले को लेकर बवाल मच गया। घटना को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से 24 जुलाई को पेज नंबर तीन पर ‘‘बदहाल व्यवस्था: मोर्चरी में रखे शव को नेवलों ने कुतरा’’ शीर्षक से प्रकाशित किया था। खबर को संज्ञान में लेकर सदर विधायक ने जिला अस्पताल प्रबंधन से फ्रीजर ठीक कराने के निर्देश दिए, लेकिन नहीं सुधर वाए गए। इस पर सदर विधायक ने न सुनने के आरोप लगाए थे। इसको भी अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इससे विभाग में हड़कंप मच गया। तीन अगस्त को रात्रि में अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में ख़राब डीप फ्रीजर को ठीक करा दिया गया है, इसमें नया कंप्रेशर व पंखा बदलवा दिया गया है। अब फ्रीजर ठीक हो गया है। यह जानकारी जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने दी है।