संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां बनने वाले बल्क ड्रग पार्क को तकनीक से लैस करने के लिए सरकार पहल कर रही है। लोगों को कम कीमत में उच्च गुणवत्ता की दवाएं और मेडिकल उपकरण मिल सकें, इसके लिए सीएसआईआर और डीआरडीओ जैसी भारत की बड़ी संस्थाओं को नॉलेज पार्टनर बनाने की तैयारी है।
ड्रग फार्मा पार्क में अभिनव उपकरण भी तैयार किए जाएंगे। इसके लिए कई बड़ी संस्थाओं को जोड़ा जा रहा है। यूपी सरकार ने काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) जैसी नामी संस्थाओं को बल्क ड्रग पार्क से जोड़ते हुए इन्हें अपना नॉलेज पार्टनर बनाया है। इससे मेडिकल सेक्टर में रिसर्च को बढ़ावा मिल सकेगा। नए उपकरण भी तैयार किए जा सकेंगे, जिससे गंभीर बीमारियों को जल्द चिह्नित किया जा सके। उप्र. सरकार ने सीएसआईआर की 43 और डीआरडीओ की 46 प्रयोगशाला से एमओयू साइन किए हैं। यहां सस्ती दवाओं के लिए शोध का कार्य होगा।
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ड्रग पार्क में प्रथम चरण के कार्य शुरू : सैदपुर में निर्मित होने वाले ड्रग पार्क में प्रथम चरण का कार्य प्रारंभ हो गया है। पांच गांवों की 1472 एकड़ भूमि पर यूपीसीडा विकास कार्य कराएगा। प्रथम चरण में 350 एकड़ भूमि पर विकास कार्य किया जा रहा है। इसके लिए मास्टर प्लान तैयार हो गया है। शासन ने 450 करोड़ रुपये निर्गत किया है। यहां 29 औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए प्लॉट काटे जा रहे हैं।
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बल्क ड्रग पार्क में विकास कार्य यूपीसीडा के माध्यम से कराए जा रहे हैं। यहां आधुनिक तकनीक से मेडिकल डिवाइस बनाने के लिए कुछ कंपनी के एमओयू भी साइन हुए हैं। जल्द ही जनपद की पहचान फार्मा के क्षेत्र में बन जाएगी।
अतहर जमाल, उपायुक्त उद्योग विभाग