संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महरौनी-मड़ावरा सहित मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जनपद के लिए उपयोगी माने जाने वाले यहां के सबसे पुराने बांधों में शुमार जामनी बांध का जीर्णोद्धार शुरू हो गया है।
मड़ावरा क्षेत्र में वर्ष 1973 में जामनी बांध का निर्माण हुआ था। बांध से किसानों के लिए सिंचाई और महरौनी-मड़ावरा क्षेत्र में पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 1974 में यूपी-एमपी शासन के बीच हुए समझौते के तहत एमपी के टीकमगढ़ को बांध के भराव का 17 फीसदी पानी उपलब्ध कराया जाता है। बांध के पुराना होने के कारण इसमें लीकेज, सीपेज सहित अन्य कमियां आ गई थीं।
विश्व बैंक वित्त पोषित बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना ड्रिप फेज-2 के तहत जामनी बांध के जीर्णोद्धार और पुनर्वास के लिए 19 करोड़ रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी गई थी। शासन ने इसे मंजूर करते हुए 17.91 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी थी। इस वित्तीय वर्ष में शासन ने बांध के जीर्णोद्धार के लिए प्रथम चरण में 7.30 करोड़ रुपये जारी कर दिए थे। इसके बाद जैसे जैसे काम होता जाएगा, शासन से धनराशि जारी होती जाएगी। कार्यदायी संस्था नामित हो गई थी। अनुबंध के बाद कार्यदायी संस्था ने बांध का जीर्णोद्धार शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार अभी बांध में पानी भरा होने के कारण बाहरी हिस्से में काम शुरू हुआ है। इसके बाद जैसे-जैसे बांध खाली होगा, वैसे-वैसे काम होगा।