संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर के विस्तार के साथ पेयजल सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया। लगभग दो दशक से 23,665 परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस हालात से निपटने के लिए अमृत योजना फेज 0.2 के तहत नगर पालिका व जल निगम ने 1.43 अरब की संयुक्त कार्ययोजना शासन को भेजी थी। हाल में इसे मंजूरी मिलने के बाद अब धरातल पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। यह योजना वर्ष 2025 में पूर्ण होनी है। इसके बाद एक लाख तैंतीस हजार की आबादी को शुद्ध पेयजल मिलना शुरू हो जाएगा।
नगर पालिका के आधा दर्जन वार्डों की लगभग 1.33 लाख की आबादी को शुद्ध पानी मिलने की आस जगी है। जल निगम ने निर्माण शुरू करा दिया है। गोविंदसागर बांध से डोंडाघाट स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। लगभग दो-तीन सौ मीटर तक पाइपलाइन डाली जा चुकी है। वहीं, 1500 केएलडी के सीडब्ल्यूआर प्लांट तैयार करने के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला से मिट्टी के परीक्षण की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
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घर-घर पानी पहुंचाने के लिए 176 किलोमीटर डाली जाएगी पाइपलाइन
मोहल्ला पिसनारी, रैदासपुरा, रामनगर, रावतयाना, पठापुरा, विष्णुपुरा, विवेकनगर, लेखपाल कॉलोनी, खिरकापुरा समेत अन्य मोहल्लों में घर-घर पानी पहुंचाने के लिए 176 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी।
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गोविंद सागर बांध पर बनेगा इंटेक वेल
इसके लिए गोविंद सागर बांध से पानी उठाया जाएगा। बांध पर इंटेक वेल का निर्माण किया जाएगा। पाइपलाइन डालकर डोंडाघाट स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचाया जाएगा। कच्चे पानी को शुद्ध करने के बाद स्वच्छ जलाशय में स्टॉक किया जाएगा। इसके बाद टंकी में पहुंचाया जाएगा, जहां से घर-घर आपूर्ति की जाएगी।
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अमृत योजना 0.2 के अंतर्गत पेयजल परियोजना का काम शुरू कर दिया गया है। इंटेक वेल से पंप हाऊस तक पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके बाद अन्य निर्माण कराए जाएंगे।
- मुकेश पाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी इकाई