ललितपुर। जिले में सूखा की त्रासदी झेल रहे किसानों को कुछ मरहम लगाने के लिए शासन ने राहत राशि के रूप में 103 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। इसका भुगतान किसानों को ई-पेमेंट के जरिये किया जाएगा।
किसानों की रबी की फसल पिछले वर्ष ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से बरबाद हो गई थी। इसके नुकसान का आकलन जिला प्रशासन ने करीब 355 करोड़ रुपये कराया था। किसानों को उम्मीद भी कि रबी की फसल की कुछ हद तक भरपाई वह खरीफ की फसल से कर लेंगे, लेकिन पानी नहीं बरसा और फसल चौपट हो गई। उर्द में पीला मोजेक रोग लग गया, जिससे फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। वहीं, बीमा कंपनी ने बिना क्राप कटिंग के नुकसान की भरपाई करने से इंकार कर दिया। जिला प्रशासन ने किसानों की पीड़ा को समझकर किसी तरह से बीमा कंपनी को मनाया और सर्वे कराया गया। वृहद किसानों की अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोई गई फसल के नुकसान का आकलन किया गया। इसमें उर्द, मूंग, तिल, सोयाबीन, मक्का, धान आदि फसलों के नुकसान का आकलन किया गया। कुल मिलाकर 180.48 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया।
इस तरह पहले रबी में 355 करोड़ रुपये और खरीफ में 180 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। शासन ने अभी तक रबी की फसल में नुकसान के मुआवजा के रूप में 172.70 करोड़ रुपये किसानों को बांटे हैं। करीब आधे किसान मुआवजा का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, खरीफ के नुकसान में से अभी तक 4.50 करोड़ रुपये बांटे गए हैं। हालांकि, मार्च माह में 31 तारीख को 3.50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, लेकिन इसमें से सिर्फ 4.06 लाख रुपये ही बांटे जा सके और वित्त वर्ष का अंतिम दिन होने के कारण पैसा वापस चला गया।
मुख्यमंत्री 19 अप्रैल को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। इसे देखते हुए शासन ने खरीफ फसल में सूखा राहत के लिए 103.29 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। यह पैसा किसानों के बैंक खाते में ई- पेमेंट के माध्यम से जाएगा, जिससे किसानों को कोई दिक्कत नहीं होगी। पैसा मिलने से किसानों को काफी हद तक राहत मिलगी, क्योंकि वर्तमान में शादियों का सीजन चल रहा है। रिश्तेदारों में शादी समारोह के लिए किसानों को पैसा खर्च करना पड़ रहा है, सूखा राहत का पैसा मिलने से उन्हें राहत मिलेगी।
वहीं, शासन ने आगजनी की घटनाओं में होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए 15 लाख रुपये भेज दिए हैं। यह राशि हाल ही में आगजनी से गेहूं की फसल की क्षति की भरपाई के काम आएगी।