ललितपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लांच की गई कायाकल्प योजना के अंतर्गत हर प्रदेश के दो सर्वश्रेष्ठ जिला अस्पताल, दो पीएचसी व एक सीएचसी को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। योजना में अस्पताल के रखरखाव का विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कायाकल्प योजना के तहत छह बिंदुओं के अंतर्गत अस्पताल का परीक्षण किया जाएगा। अस्पताल की सुविधाओं, जिसमें पहले बिंदु में परिसर में पशु विचरण, बाग और पेड़ पौधों की स्थिति, खुले स्थान की सफाई, पेयजल व्यवस्था, फर्नीचर का रखरखाव, कबाड़ निस्तारण, दूसरे बिंदु में अस्पताल के विभिन्न इलाकों में सफाई व्यवस्था व हाईजीन शामिल है।
तीसरे बिंदु में जैविक कचरे का निस्तारण, चौथे में संक्रमण नियंत्रण, पांचवें में अस्पताल की सहायक सुविधाएं व छठवें में हाईजीन को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां शामिल हैं। पहले से चौथे बिंदु के सौ- सौ अंक, पांचवें व छठवें बिंदु के पचास- पचास अंक शामिल हैं। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी सभी अस्पतालों का बिंदुवार निरीक्षण कर राज्य स्तरीय कमेटी को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही मंडल स्तर पर बनने वाली कमेटी भी इन निरीक्षणों पर नजर रखेगी।
यह मिलेगा पुरस्कार
प्रथम स्थान पर रहने वाले जिला अस्पताल को पचास लाख रुपये और दूसरे स्थान पर पच्चीस लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा। इसी प्रकार प्रथम सीएचसी को 15 लाख रुपये व द्वितीय सीएचसी को दस लाख रुपये व प्रथम सीएचसी को दो लाख रुपये दिए जाएंगे। सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों का चयन छह बिंदुओं पर छह सौ अंक में से सबसे ज्यादा अंक पाने वाले अस्पताल को पुरस्कृत किया जाएगा।
कायाकल्प योजना का लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में संस्थानों को बेहतर सेवा देने के लिए प्रेरित करना है। पुरस्कार में मिलने वाली राशि का 75 फीसदी हिस्सा रोगी कल्याण समिति में जाएगा व 25 फीसदी राशि अस्पताल के स्टाफ को इंसेटिव के तौर बांटी जाएगी।
मिलेगा प्रोत्साहन पुरस्कार
कायाकल्प योजना के तहत पहले व दूसरे स्थान पर रहने वाले अस्पतालों के अलावा भी प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाएगा। 70 फीसदी से ज्यादा अंक पाने वाले अस्पतालों को पुरस्कार देने के पीछे अच्छी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। ऐसे जिला अस्पताल को तीन लाख रुपये, सीएचसी को एक लाख रुपये व पीएचसी को पचास हजार रुपये पुरस्कार दिया जाएगा।
जनपद की चेकलिस्ट दोबारा होगी तैयार
कायाकल्प योजना के तहत तैयार होने वाली चेकलिस्ट को जिले में बिना प्रशिक्षण किए ही अधिकारियों द्वारा भर दिया गया है। इस आधार पर जिला अस्पताल के अंक काफी कम है। वर्तमान में जिला अस्पताल के अंक करीब 55 फीसदी हो रहे हैं, जबकि पिछली दो प्रदेश स्तरीय रैंकिग में जिला अस्पताल को प्रथम व द्वितीय स्थान मिल चुका है।
इस आधार पर जिला अस्पताल के अंक अच्छे होने चाहिए। इसलिए अब जिले की चेकलिस्ट लखनऊ में प्रशिक्षण पा चुके अधिकारी दोबारा तैयार कर रहे हैं।
इनका कहना है,
कायाकल्प योजना के लिए जनपद की चेकलिस्ट दोबारा भरी जा रही है। इस योजना में जनपद का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहने की संभावना है।
- विजय सिंह
जिला कार्यक्रम प्रबंधक, नेशनल हेल्थ मिशन