ललितपुर। गोविंद नगर स्थित दशहरा मैदान में बृहस्पतिवार को भगवान राम व रावण की सेना के बीच भयंकर युद्ध हुआ। अंतत: बुराई पर अच्छाई की जीत हुई और भगवान के अग्नि बाण से रावण का पुतला धू-धू कर जल गया। प्रशासनिक अफसरों के साथ गणमान्य नागरिकों ने भगवान की आरती उतारी।
श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में चौबयाना स्थित श्री रघुनाथ जी मंदिर में विधिविधान से भगवान की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान के स्वरूप रथ पर सवार होकर मुहल्ला महावीरपुरा, रावरपुरा, घंटाघर, वीर सावरकर चौक, आजाद चौक, नदीपुरा होते हुए गोविंदनगर स्थित रामलीला मैदान में पहुंचे। यहां पर भगवान राम ने शमी के शुभ पेड़ की पूजा-अर्चना की। तत्पश्चात आचार्य जगदीश पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजन शुरू करवाया। इसके बाद कुंभकरण और मेघनाद का लक्ष्मण जी से युद्ध हुआ, जिसमें वह पराजित होकर मारे गए। यह सुनकर रावण बहुत दुखी हुआ और वह स्वयं युद्ध के मैदान में उतर आया। भगवान राम व रावण के बीच भयंकर युद्ध हुआ। दोनों की सेनाओं के बीच लंबे समय तक युद्ध चलता रहा। अंत में बुराई की हार हुई और भगवान राम की सेना विजयी हुई।
भगवान की विजय होते ही रामलीला मैदान में जयकारे लगने लगे। जयकारों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। इधर, भगवान राम ने अपने अग्निवाण से रावण के पुतले में आग लगा दी। इससे रावण का 50 फुट का पुतला धू-धू कर जलने लगा। 45 मिनट तक आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। रावण की सेना पर विजय होने पर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी, सदर एसडीएम रमेशचंद्र, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, ईओ केएन शर्मा, समिति के अध्यक्ष ब्रजेश चतुर्वेदी आदि ने भगवान राम की मंगला आरती उतारी। आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, संजय चौबे, श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष ब्रजेश चतुर्वेदी, चंद्रशेखर राठौर, रामरतन कुशवाहा, समिति के महामंत्री डा. दीपक चौबे, मंत्री रत्नेश तिवारी, राजीव हुंडैत, समिति के उपाध्यक्ष हरविंदर सलूजा, अशोक तिवारी, अमित तिवारी, इंदर राजा, संगठन मंत्री प्रबल सक्सेना, कौस्तुभ चौबे, चंद्रविनोद हुंडैत, विलाश पटैरिया, रविंद्र पाठक, मनीष चौबे, श्याम कांत चौबे, रमेशचंद्र चौबे, हरीमोहन चौरसिया, नारायण सिंह यादव, भरत रिछारिया, अनुराग चौबे पार्षद, आशीष चौबे, रमेश चौबे, अभय चौबे सहित हजारों की संख्या नगर के लोग मौजूद रहे। आयोजन में बजरंग दल समिति के कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
स्वरूप बनकर निभाई भूमिका
श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में हुए आयोजन में भगवान राम की भूमिका में शुभम कौशिक, लक्ष्मण के रूप में अभिषेक चतुर्वेदी, रोहित चतुर्वेदी हनुमान, विजय तिवारी रावण, राकेश तामियां कुंभकरण, बल्लू कुशवाहा मेघनाद आदि ने भूमिका निभाई। राम व रावण की सेना में भी बड़ी संख्या में लोगों ने अभिनय किया। राम-रावण के युद्ध को देखने के लिए रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में लोग जुटे।
कुलदेवता की हुई पूजा
दशहरा के अवसर पर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में शाम को कुल देवता की विधिविधान से पूजा-अर्चना की गई। 11 पान व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई पूजा में परिवारजनों ने भाग लिया। इसके बाद पान खिलाकर गले मिलकर विजय दशमी की बधाई दी गई। पान खिलाने का सिलसिला नगर में दिन भर चलता रहा। लोगों ने अपने शुभचिंतकों के घर पहुंचकर पान खिलाए और बधाई दी। बृहस्पतिवार सुबह से ही लोग मछली व नीलकंठ को देखने के लिए आतुर दिखे। मान्यता है कि इनको देखना शुभ होता है।
क्रेन से रखा गया रावण
श्री रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के तत्वावधान में पहलीबार 50 फुट का रावण का पुतला बनाया गया। बुधवार को दशहरा मैदान में रावण का पुतला सीधा खड़ा करने के लिए लगाई गई क्रेन पलट गई। इस पर बृहस्पतिवार को बड़ी क्रेन की सहायता से पुतले को सीधा किया गया। इसमें करीब 20 हजार रुपये से अधिक की आतिशबाजी लगाई गई।