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चूहे पहुंचा सकते हैं फसलों को नुकसान

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ललितपुर। किसान फसलों को नुकसान से बचाने के लिए चूहों पर लगाम कसें। क्योंकि, चूहे खरीफ फसलों में पांच से सात प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं चूहों पर पाए जाने वाले पिस्सू के काटने से बीमारियां भी हो सकती हैं, इसलिए चूहों से बचाव जरूरी है।
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संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। इसमें घरों के आसपास सफाई रखने पर जोर दिया जा रहा है। नालियों में पानी एक जगह इकठ्ठा नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय करने को कहा जा रहा है। किसानों को फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहे भी इनदिनों खूब बढ़ रहे हैं। चूहों से फसलों को पांच से सात प्रतिशत तक नुकसान होता है। स्क्रब टाइफस बीमारी (जीवाणु रिक्टीसिया सुसुगामुशी) बीमारी चूहों पर पाए जाने वाले पिस्सू के काटने से फैलती है। ये पिस्सू जब मनुष्य के संपर्क में आता है तो उसे काट कर खून चूसता है और हानिकारक वैक्टीरिया शरीर में छोड़ देता है। इससे ग्रसित व्यक्ति को पहले बुखार आता है, फिर शरीर में तेज खुजली होने लगती है और शरीर में दाने बन जाते हैं। गिल्टियों में सूजन आ जाती है। यदि ऐसा है तो तुरंत डॉक्टर से उपचार लेना चाहिए। चूहों को पकड़कर या रासायनिक दवाओं से मारकर बिना हाथ लगाए उन्हें गड्ढों में दबा देना चाहिए अथवा मिट्टी का तेल डालकर जला देना चाहिए।
इसी तरह लेप्टो स्पायरोसिस (लेप्टोस्पिरा जीनस) एक जीवाणु रोग है, जो मनुष्य और जानवरों को प्रभावित करता है। यह वैक्टीरिया भी संक्रमित चूहों के मूत्र से फैलता है। इसके प्रकोप से तेज बुखार, सिर दर्द, सर्दी, मांसपेशियों, पेट में दर्द और उल्टी-दस्त होने लगते हैं। इसलिए चिकित्सक से तुरंत उपचार लेना चाहिए। पालतू जानवरों को टीके लगवाना चाहिए। यूरेसीनिया पैस्टिस, जिसे प्लेग बीमारी हैं। यह कुतरने वाले चूहों से फैलती है। यदि चूहे अपने आप मरने लगें तो समझ लीजिये उस क्षेत्र में प्लेग फैल गया है। इसके असर से तेज बुखार आना, सिर में दर्द, काम में मन न लगना, श्वांस फूलना, आंखें लाल होना, बलगम में खून आना आदि लक्षण होते हैं। इसे काला बुखार भी कहते हैं। यदि ऐसा होता है तो बुखार आने पर डॉक्टर से परामर्श लें। खून की जांच कराएं और प्लेग के टीके लगवाएं। खाने वाली सामग्री को चूहों से बचाकर रखें।
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ऐसे भी कर सकते हैं चूहों को नियंत्रित
चूहोें के नियंत्रण के लिए जिंक फास्फाइड की 10 ग्राम मात्रा को 250-300 ग्राम दलिया में मिलाकर या 500 ग्राम आटा में मिलाकर आटे की गोलियां बना लें। इन गोलियों को खेत में चूहों के बिल के पास रख दें। गोलियां खाने से चूहे मर जाएंगे। चूहों को पकड़ने के लिए पिंजरे का प्रयोग भी कर सकते हैं।
चूहों के अलावा छुट्टा जानवर, बंदर, गिलहरी, पक्षी आदि भी फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। किसान फसलों के बचाव के उपाय जरूर करें, क्योंकि इनसे फसलों को नुकसान बहुत होता है। चूहे बीमारियां भी फैलाते हैं।
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- गौरव यादव, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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