कई दिनों की बारिश के बाद शहर में सड़कों पर जल भराव एवं कीचड़ देखा जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा खराब स्थिति स्कूलों के मार्गों की है। इन मार्गों पर कीचड़ होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो गई है। तमाम छात्रों ने तो स्कूल जाना ही बंद कर दिया है।
बीते कई दिनों से शहर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। शुक्रवार को भी सुबह फुहार के साथ बारिश होती रही, लेकिन कुछ समय बाद मौसम साफ हो गया। बारिश से जगह-जगह जल भराव व कीचड़ हो गया है। इससे कई स्कूलों के मार्ग भी अछूते नहीं रहे हैं। एसडीएस कान्वेंट हिंदी माध्यम स्कूल का मार्ग कच्चा होने से यहां कीचड़ व जल भराव हो गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ गई हैं, उन्हें स्कूल आने-जाने में असुविधा हो रही है। तमाम छात्र मार्ग बदलकर स्कूल पहुंच रहे हैं तो कइयों ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है। जो लोग वसुंधरा कालोनी या चांदमारी में रहते हैं, उनके लिए स्कूल पहुंचने में ज्यादा परेशानी हो रही है।
वजह साफ है कि चांदमारी से लेकर वसुंधरा कालोनी तक आलीशान भवन बन गए हैं लेकिन यहां अधिकांश मार्ग अभी भी कच्चे हैं जो बीते दिनों की बारिश में कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। इस क्षेत्र में टैक्सी व अन्य स्कूली वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, स्कूल प्रबंधन भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की परेशानी का समाधान नहीं हो पा रहा है। यही हाल पीएन इंटर कालेज एवं राजकीय इंटर कालेज के छात्रों का है। पुराने तहसील के रास्ते कालेज पहुंचने वाले छात्रों को कीचड़ से होकर निकलना पड़ रहा है। यहां थोड़ी सी बारिश में फिसलन की स्थिति बन जाती है। इसी मार्ग पर पूर्व सैनिक कल्याण एवं रजिस्ट्री आफिस भी है। जहां प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक लोगों की आवाजाही रहती है। पुरानी तहसील में न केवल खरीददार पहुंचते हैं बल्कि अधिवक्ता एवं स्टांप बैंडर भी अपनी बैठक बनाए हुए हैं। इस तरह के हालात अकेले शहरी क्षेत्र के नहीं हैं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्कूल मार्ग बारिश से खराब हो गए हैं।