नगर पालिका द्वारा मुहैया कराई पार्किंग व्यवस्था नगरवासियों को रास नहीं आ रही है। जहां बेसमेंट के अंदर बमुश्किल दो दर्जन दुपहिया वाहन खड़े होते हैं। वहीं, बाजारों व सड़कों पर इससे कहीं ज्यादा संख्या में वाहन जहां-तहां खड़े किए जा रहे हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ रही है।
शहर में पार्किंग की समस्या को खत्म करने के मकसद से पिछले माहों में नगर पालिका ने डा. शादीलाल कामर्शियल कांप्लेक्स के बेसमेंट में इसकी नि:शुल्क सुविधा मुहैया कराई। इसके बाद भी अधिकांश नगरवासियों को बेसमेंट में गाड़ी खड़ी करने की सुविधा रास नहीं आ रही है। इस स्थल में बमुश्किल दो दर्जन वाहन खड़े होते हैं, जबकि इसकी क्षमता करीब ढाई सैकड़ा दुपहिया वाहन खड़ा करने की है।
वर्तमान में सहालग का सीजन चल रहा है तो बाजारों में लोगों की भीड़ खरीदारी के लिए उमड़ रही है। कहीं खड़े होने की जगह नहीं है, ऐसे में लोगों को जहां खाली स्थान दिख रहा है, वह वहीं अपने बाइकें टिका देते हैं। अब तो लोगों ने मेन सड़क के किनारे खाली स्थान पर वाहनों को खड़ा करना आरंभ कर दिया है। विशेषकर घंटाघर से लेकर महावीर प्याऊ तक बाइकें मेन सड़क पर ही खड़ी की जा रही हैं। इससे वाहन की आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है। वहीं, हर समय कोई भी हादसा होने की संभावना बनी रहती है। इसके बाद भी यातायात पुलिस द्वारा उन्हें रोका टोका नहीं जाता है। ऐसे में व्यवस्था बनने की जगह बिगड़ रही है। नगर पालिका ने भी पार्किंग के मामले को चुप्पी साध ली है। तमाम कर्मचारी ही अपनी बाइकें बेसमेंट में नहीं रखकर यहां-वहां रख रहे हैं।
पार्किंग का इस्तेमाल करने से कतरा रहे नागरिक
नगर पालिका परिषद ने दुपहिया वाहन के लिए नि:शुल्क पार्किंग दे दी है। इसके बाद भी अधिकांश नागरिक इसका इस्तेमाल करने से कतराते हैं। पालिका ने लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यालय के बाहर एक कर्मचारी भी खड़ा कर दिया है। यातायात पुलिस को ध्यान देने की जरूरत है।
आरके लवानिया, प्रभारी अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
पार्किंग की ज्यादा लोगों को नहीं जानकारी
नगर पालिका ने जो पार्किंग स्थल बनाया है, उसकी जानकारी ग्रामीण क्षेत्र से आ रहे लोगों को नहीं रहती है। इससे यह समस्या पैदा हो रही है। कइयों का चालान भी कर चुके हैं। यदि नगर पालिका पार्किंग का व्यापक प्रचार प्रसार करें तो लोग पार्किंग का इस्तेमाल करने लगेंगे। वह खुद भी लगातार राउंड लेते रहते हैं।
केएन सिंह
यातायात निरीक्षक
शादीघरों के बाहर भी लग रहा जाम
शहर के अधिकतर शादीघरों के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जब इन शादीघरों में दावत या विवाह कार्यक्रम होते हैं तो सड़क पर जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हैं।