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दुष्कर्म में युवक को सात वर्ष की सजा

Wed, 14 Oct 2015 01:23 AM IST
ब्यूराे/अमर उजाला
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ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरकेश कुमार ने करीब नौ वर्ष पुराने मामले में नाबालिग लड़की को ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को सजा सुनाई है। इसमें से नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को सात वर्ष की सजा और उसके दोस्त को पांच साल की सजा सुनाई है। 28 दिसंबर 2006 को कोतवाली के अंतर्गत एक ग्राम निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री 19 नवंबर से लापता है। उसकी जानकारी करने पर मालूम हुआ कि गांव के ही मुकेश सिंह, राजेश राय और रामकिशन राय के साथ उसकी बेटी देखी गई। कुछ लोगों ने बताया कि उसकी बेटी को तीनों के साथ रेलवे स्टेशन पर देखा गया। जिस दिन मामला दर्ज हुआ, उसी शाम को आरोपी मुकेश व अपह्त लड़की को रेलवे स्टेशन से पुलिस ने बरामद कर लिया।
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पूछताछ में उन्होंने बताया कि घर से जाने के बाद उन्होंने होशंगाबाद में एक मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद वह इटारसी, दिल्ली व मुजफ्फरनगर में रहे। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धारा और बढ़ा दी। विवेचना के बाद चार्जशीट से रामकिशन का नाम हटा दिया, जबकि मुकेश व राजेश के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई कर न्यायाधीश ने मुकेश को सात वर्ष का सश्रम कारावास और 19 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सह अभियुक्त राजेश को पांच का सश्रम कारावास व नौ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी। मामले की पैरवी जिला शासकीय सहायक अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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