रामलीला समिति महरौनी की बैठक में उपस्थित सदस्य।
- फोटो : LALITPUR
महरौनी। श्री रामयश कीर्तन मंडली रामलीला महोत्सव समिति महरौनी की बैठक हनुमान मंदिर प्रांगण में मंडली के संरक्षक सुखनंदन तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में कहा गया कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष रामलीला महोत्सव का आयोजन निर्धारित समय पर हो पाना संभव नहीं है। आयोजन दिसंबर में कराने का निर्णय लिया जा सकता है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि कोरोना संबंधी परिस्थितियां अनुकूल रहीं और माह दिसंबर तक भी हालात सामान्य रहे तो आयोजक मंडल द्वारा इस दौरान रामलीला मंचन कराने पर पुनर्विचार किया जाएगा। हालांकि शासन प्रशासन की नियमावली के अनुसार रामलीला आयोजन में सिर्फ 200 व्यक्तियों के लिए ही अनुमति प्राप्त है जबकि महरौनी में रामलीला को देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों हजारों लोगों की भीड़ उमड़ती है। सार्वजनिक धार्मिक अनुष्ठान में आने वाले लोगों को रोका भी नहीं जा सकता है। इसके अलावा वर्तमान परिस्थिति में सोशल डिस्टेंस बनाना काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन रामलीला मैदान में इतनी अधिक जगह नहीं है कि इसका अनुपालन हो सके। इन सब को दृष्टिगत रखते हुए फिलहाल रामलीला आयोजन करना संभव नहीं है। इस अवसर पर मंडली के संरक्षक पंडित बाबूलाल नायक, अशोक रिछारिया, रामेश्वर प्रसाद रिछारिया, कृष्ण स्वरूप पटेरिया, अध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजावत, कोषाध्यक्ष भागचंद जैन, डायरेक्टर संजय पांडेय भारत, व्यास मुकेश नायक, मेकअप मैन जानकी पेंटर, सुरेश श्रीवास्तव, कलाकार भगवत भौंडले, अमित नायक, मनोज भौंडले शास्त्री आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। बैठक का संचालन स्टेज मैनेजर कुलदीप खरे एडवोकेट ने किया।
बैठक में ये भी तय हुआ कि आगामी दशहरा पर पारंपरिक जलूस का आयोजन भी नहीं होगा। दशहरा के दिन रामलीला मंच पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा, जिसमें मंडली के पदाधिकारी, कलाकार और सहयोगी ही उपस्थित रहेंगे।