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कोरोना काल में रामलीला मंचन के आयोजन पर संकट

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ललितपुर। पांच दशकों से अधिक समय से तालाबपुरा में होने वाली रामलीला के मंचन पर इस बार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसमें समिति और कलाकार तो तैयार हैं, लेकिन शासन की गाइड लाइन और कोरोना का डर आड़े आ रहा है। अभी तक रामलीला मंचन के आयोजन की स्वीकृति नहीं मिल सकी है। डीएम के निर्देश का लोगों को इंतजार है।
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नगर के मोहल्ला तालाबपुरा में करीब पांच दशक से अधिक समय से श्री नृसिंह रामलीला समिति प्रभु श्रीराम की लीलाओं का जीवंत मंचन कर नगरवासियों को मर्यादा पुरुषोत्तम के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने को प्रेरित करती रही है। खास बात यह है कि आधुनिकता के इस दौर में भी रामलीला देखने वालों की संख्या में बहुत ज्यादा कमी नहीं आई , इसका श्रेय कलाकारों के सशक्त और जीवंत अभिनय को जाता है। इस बार रामलीला के मंचन को यदि प्रशासन अनुमति देगा, तो सीमित संख्या और साधनों के साथ आयोजन कराया जाएगा। लेकिन, यदि प्रशासन की अनुमति नहीं मिलती है, तो इस बार नहीं किया जाएगा। रामलीला के मंचन में यहां एक ही मंच पर कई पर्दे लगाकर कलाकार रामलीला का मंचन कर अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। लेकिन कोरोना काल के इस दौर में सामाजिक दूरी रामलीला के मंचन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। इसके चलते रामलीला मंचन के साथ ही, रावण दहन और अन्य धार्मिक आयोजनों पर भी संकट मंडरा रहा है।
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाने का नहीं दिया गया ऑर्डर
रावण दहन का कार्यक्रम कुछ वर्षों में लगातार भव्य बनाने का प्रयास समिति द्वारा किया जाता रहा है, जिसके चलते बीते वर्षों में 51 फुट ऊंचाई तक का रावण का पुतला भोपाल से बनवाया गया। बाकी पुतले स्थानीय कलाकारों द्वारा बनवाए गए हैं। लेकिन, इस बार कोरोना काल के चलते समिति ने रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले बनाने के लिए ऑर्डर नहीं दिए हैं। कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाने का ऑर्डर नहीं दिया गया, लेकिन सांकेतिक रुप से रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी।
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इसके पहले पदस्थ जिलाधिकारी से रामलीला मंचन के संबंध में वार्ता हुई थी, जिस पर उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार रामलीला मंचन की अनुमति प्रदान नहीं की, लेकिन अब नये जिलाधिकारी से शीघ्र ही वार्ता करके रामलीला मंचन के आयोजन के लिए अनुमति मांगी जाएगी। अनुमति मिलती है, तो शासन की गाइडलाइन के तहत आयोजन कराया जाएगा। - नरेंद्र कड़ंकी, अध्यक्ष रामलीला समिति
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