ललितपुर। जल संरक्षण के प्रयास रंग लाने लगे हैं। एक साल में 0.70 मीटर भूगर्भ जलस्तर बढ़ गया है। वर्ष 2023 में जलस्तर 5.05 मीटर था। जबकि वर्ष 2024 में बढ़कर 4.35 मीटर पर आ गया। वहीं, पांच वर्षों में 1.34 मीटर की वृद्धि हुई। वर्ष 2020 में भूगर्भ जलस्तर 5.69 मीटर था। वर्ष 2024 में बढ़कर 4.35 मीटर पर आ गया। अधिकारियों के मुताबिक पांच वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है। सबसे अधिक ब्लॉक जखौरा में 1.23 मीटर की वृद्धि हुई है। जबकि ब्लॉक मड़ावरा में 0.27 मीटर जलस्तर घट गया है।
जनपद में 415 ग्राम पंचायत हैं। यहां का भूगर्भ जलस्तर 8 से 10 मीटर रहता था। करीब दस वर्ष पूर्व यहां का जलस्तर लगातार नीचे जाने लगा। हालात यहां तक पहुंच गए कि जलस्तर 12-15 मीटर तक चला गया। फिर प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों ने जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना शुरू किया। नदियों का जीर्णोद्धार, तालाबों-पोखरों का गहरीकरण, बारिश के पानी को रोकने के लिए नदी-नालों पर चैकडेम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सहित अन्य काम कराए गए। इसी बीच अच्छा मानसून भी होने लगा।
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इन ब्लॉकों में बढ़ा जलस्तर
पोस्ट मानसून के बाद की गई जांच में ब्लॉक बिरधा क्षेत्र में वर्ष 2023 के सापेक्ष 0.71 मीटर, ब्लॉक बार में 0.76 मीटर, ब्लॉक महरौनी में 0.95 मीटर, ब्लॉक तालबेहट में 0.82 मीटर भूगर्भ जलस्तर बढ़ा हुआ पाया गया। वहीं ब्लॉक मड़ावरा में 0.27 मीटर जलस्तर घटा हुआ पाया गया।
आंकड़े गवाह हैं...
ब्लॉक - वर्ष 2020 - वर्ष 2021 - वर्ष 2022 - वर्ष 2023 - वर्ष 2024
बार - 4.67 मी. - 4.11 मी. - 4.15 मी. - 4.51 मी. - 3.75 मी.
बिरधा - 6.63 मी. - 6.14 मी. - 5.33 मी. - 4.37 मी. - 3.66 मी.
जखौरा - 3.38 मी. - 2.90 मी. - 3.98 मी. - 4.36 मी. - 3.13 मी.
मड़ावरा - 6.71 मी. - 5.83 मी. - 5.42 मी. - 5.19 मी. - 5.46 मी.
महरौनी - 7.23 मी. - 5.37 मी. - 4.57 मी. - 6.34 मी. - 5.39 मी.
तालबेहट - 5.49 मी. - 4.66 मी. - 5.57 मी. - 5.52 मी. - 4.70 मी.
औसत - 5.69 मी. - 4.84 मी. - 4.84 मी. - 5.05 मी. - 4.35 मी.
नोट - जलस्तर मीटर में
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इस प्रकार किया जाता है आकलन
भूगर्भ जल विभाग जलस्तर को जानने के लिए बारिश से पूर्व और बारिश के बाद आकलन करता है। इसके लिए वह बारिश शुरू होने से पूर्व जून में भूमिगत जलस्तर को नापते हैं। इसे प्री मानसून जलस्तर कहते हैं। इसके बाद बारिश का मौसम गुजर जाने के बाद अक्तूबर-नवंबर में पुन: भूमिगत जलस्तर की नाप करते हैं। इसे पोस्ट मानसून कहते हैं।
अटल भूजल योजना के तहत हो रहे प्रयास
तालबेहट ब्लॉक में अटल भूजल योजना के तहत जल संरक्षण और भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए काम कराया जा रहा है। इसके लिए 17 गांवों को शामिल किया गया है। यह गांव कंधारी खुर्द, बिरधा, झांवर, कंधारीकलां, उगरपुर, गेवरा गुंदेरा, वर्माबिहार, धनगौल, कडेसराकलां, असऊपुरा, टेटा, जमालपुर, चुनगी, रमपुरा-कठवर, पूराकलां, नत्थीखेड़ा और थाना गांव हैं। इन गांवों में मेड़बंधी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, चैकडेम, तालाब गहरीकरण सहित अन्य काम कराए जा रहे हैं।
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जनपद के भूगर्भ जलस्तर में पांच वर्षों में वृद्धि हुई है। इसके लिए जल संरक्षण के लिए कराए जा रहे काम हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल भूगर्भ जलस्तर और अच्छा हुआ है।
आकाशदीप, भू-भौतिकविद, भूगर्भ जल विभाग