शनिवार दोपहर जनपद के महरौनी, जाखलौन, धौर्रा, बार, आदि क्षेत्रों में करीब आधा घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इस बीच पाली के एरावनी में गाज गिरने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि तीन लोग झुलस गए। जखौरा के मादौन गांव में भी गाज से तीन लोग झुलसे हैं। बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
शनिवार को दोपहर तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इस कारण महरौनी, जाखलौन, धौर्रा, बार क्षेत्र के अनेक गांवों में फसलें बिछ गईं। बारिश होने के कारण पाली के एरावनी निवासी लल्लू लाल खंगार (20वर्ष) पुत्र ध्यानदास अपने साथी जय सिंह के इंतजार में महुआ के पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। तभी गाज गिरी। चपेट में आने से वह झुलस गया। इसी बीच वहां जय सिंह पहुंच गया। साथी को झुलसा देखकर उसने इस संबंध में परिवार के लोगों को जानकारी दी। उसे आनन फानन में जिला अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर सदर तहसीलदार वीपी पटेल ने घटना की जानकारी ली।
वहीं जाखलौन क्षेत्र के ग्राम मादौन में भी बारिश से बचने के लिए सुखवती सहरिया पत्नी राकेश, गब्बर पुत्र सुल्तान व प्रेमबाई पत्नी मुन्ना गांव में स्थित सरकारी स्कूल में खडे़ हो गए। तभी गाज गिरी। इससे मौके पर ही सुखवती की तीन बकरियों की मौत हो गई। दो महिला सहित तीनों आहत हो गए। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। तीनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
फसलों को भारी नुकसान
महरौनी। क्षेत्र में शनिवार दोपहर लगभग एक बजे हुई तेज बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इन दिनों खेतों में फसल लगभग पकने को है। पहले बोई गई फसल कट भी रही है। बेमौसम बारिश और ओले गिरने से काफी नुकसान पहुंचा है। किसरदा, कुंआघोषी, छपरट, समोंगर, सिलावन, कुरौरा, भैरा, भौंरट, सतलींगा, निवारी, गुढ़ा, बम्हैरीघाट, जखौरा, पाली, बम्हौरी बहादुर सिंह, क्योलारी सहित अनेक गांव में ओलावृष्टि से खेतों में कटकर रखी मटर और मसूर की फसल को नुकसान पहुंचा है। खेत में खड़ी गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर गई हैं। तेज हवा से फसल जमीन पर बिछ गई है। फसलों को नुकसान होने से क्षेत्र के किसान निराश हैं। इस बार उन्हें अच्छी फसल होने की उम्मीद थी। देर शाम तक क्षेत्र में बूंदाबांदी जारी थी।
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घरों में जले अलाव
तालबेहट (ललितपुर)।
शनिवार को सुबह से चल रही तेज हवाओं और दोपहर में हुई बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। तेज हवा चलने से शाम चार बजे से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। शादी में आने जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम इस समय हर पल रंग बदल रहा है। दो दिन पहले तेज धूप के साथ मौसम गर्म था। लोगों को सर्दी चले जाने का अंदेशा था परन्तु शनिवार को सुबह से चल रही तेज हवाओं ने लोगों को गर्म वस्त्र पहने के लिए मजबूर कर दिया। दोपहर बाद तो मौसम में अचानक परिवर्तन आया। देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। बूूूूंदाबांदी होने लगी।
इसके बाद तेज हवा चली। इससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। लोगों ने अपने- अपने घरों एवं व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों के सामने अलाव जलाए। ठंड के चलते पूराकलां, पूराविरधा, जखौरा, तेरई फाटक, भुचेरा आदि मार्गों पर पूरे समय सन्नाटा पसरा रहा। बदले मौसम से सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों को हुई जिनके यहां विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम थे। तेज हवाओं के कारण उन्हें पंडाल सुरक्षित रखने में काफी परेशानी हुई।