ललितपुर। मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर रेलगाड़ी में खतरनाक विस्फोटक बरामद होने के बाद जारी अलर्ट का असर स्थानीय रेलवे स्टेशन पर नहीं दिखा।
प्लेटफार्म पर खुलेआम अवैध वेंडर ट्रेनों में सवार होते व उतरते दिखे। वहीं, पैसेंजर गाड़ियों से अवैध रुप से लकड़ियों की आवाजाही व तेंदू पत्तों को ले जाया गया।
एसपी जीआरपी रामबोध ने महामाया एक्सप्रेस में मिले विस्फोटक को नक्सली व आतंकवादी गतिविधि से जोड़ा था। इसके बाद से झांसी मंडल के सभी स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को चौकस कर दिया गया था। लेकिन, चौकसी के निर्देश होने के बाद भी रेलवे स्टेशन पर सख्ती नहीं दिखाई दी।
रेलवे स्टेशन के बाहर नो पार्किंग में वाहनों का खड़ा होना, टैक्सियों का अव्यवस्थित तरीके से खड़ा होना जारी रहा। रेलवे स्टेशन से निकलने वाली ट्रेनों में कई अवैध वेंडर चढ़ते हैं।
लेकिन, इन वेंडरों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं, रात की ट्रेनों में सब्जियों को महानगरों की ओर जाया जाता है। बिना किसी चेकिंग के कई बोरों में रखी सब्जियों की आड़ अराजकतत्व ले सकते हैं।
सुरक्षा के नहीं पुख्ता संसाधन
रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सीसीटीवी कैमरे, मेटल डिटेक्टर आदि किसी भी प्रकार की कोई सुरक्षा स्टेशन पर नहीं है। दूसरी तरफ, रेलवे की जमीन से लगे मकान मालिकों ने अवैध तरीके से स्टेशन की तरफ गेट बना लिए हैं।
नये मालगोदाम के पास अवैध शराब की ब्रिकी खुलेआम हो रही है, जिस कारण नशे में कई लोग ट्रेन की चपेट में आकर मर चुके हैं। कच्ची शराब विक्रेताओं को रेलवे की जमीन से हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।