भारतीय रेल के निजी करण व निगमीकरण का विरोध करते नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन
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ललितपुर। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन शाखा ने ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के आह्वान पर भारतीय रेल के निजी करण एवं निगमीकरण के विरोध में अलग-अलग स्टेशनों पर विरोध प्रदर्शन किया।
शाखा सचिव कॉमरेड नितिन शर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान भारत की सरकार द्वारा रेल को प्राइवेट हाथों में सौंपा जा रहा है। इससे पूंजीपतियों को तो फायदा होगा लेकिन गरीबों के मुंह से उसका निवाला छीना जा रहा है। गरीबों के लिये रेल किराया महंगा हो जाएगा। रेलवे के कई जोन में स्टेशनों व कर्मचारियों को प्राइवेट तौर पर रखा जाने लगा है। प्राइवेट कंपनियां रेलवे में किराए व अन्य सुविधाओं मे मनमाना पैसा देने पर मजबूर करेंगे, जोकि भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा बनने
वाला है। रेल कामगार 9 अगस्त को क्रांति दिवस के रूप में अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ट्विटर के माध्यम से सभी रेल मजदूर साथी रेल मंत्री, रेल मंत्रालय व पीएमओ को अपना विरोध प्रदर्शन दिखा रहे हैं। प्रदर्शन में शाखा सचिव कॉमरेड नितिन शर्मा, शाखा अध्यक्ष मनोज तिवारी, सहायक सचिव मयंक वैद्य, कोषाध्यक्ष पवन साहू, उपाध्यक्ष आर वी नायक, मनीष शुक्ला, शांतनु पुरोहित, साकिर खान, राजेंद्र पाल, रवि यादव, डीके चतुर्वेदी आदि ने रेल कामगारों के साथ मिलकर अपना विरोध दर्ज कराया।