संवाद न्यूज एजेंसी
ललिपुर। रेलवे स्टेशन से रेल नीर की बोतलें गायब हैं। कभी ये बोतलें ट्रेन में सफर करने की पहचान होती थीं। साथ ही लोगों को शुद्ध पानी पीने का भी अहसास होता था, लेकिन अब रेल नीर की बोतलें ललितपुर स्टेशन पर नहीं दिख रही हैं।
रेलवे ने स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों को शुद्ध बोतल बंद पानी उपलब्ध कराने के लिए अपना उत्पादन प्रारंभ किया था। इसे रेल नीर का नाम दिया गया था। वर्तमान में स्टेशन की कैंटीन से तो यह गायब ही है, अधिकांश ट्रेनों में भी नहीं बेचा जा रहा है। एक समय पर रेल नीर रेल यात्रा की पहचान थी। जब सफर करके कोई लौटता था तो उसके हाथ में ये बोतल यात्रा की पहचान होती थी। क्योंकि आम बाजार में यह पानी उपलब्ध नहीं था। अब कैंटीन संचालकों ने अधिक लाभ कमाने के लिए इसका उपयोग बंद कर दिया।
रेलवे ने रेल नीर के अलावा अन्य ब्रांडों के पानी को भी सत्यापित किया है। रेल नीर प्राथमिकता होती है, लेकिन सप्लाई न होने की दशा में अन्य ब्रांडों के पानी की सप्लाई की जाती है। आईआरसीटीसी इसकी आपूर्ति करता है।-मनोज कुमार, पीआरओ डीआरएम