तालबेहट। शासन के निर्देश पर गांव- गांव में बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई सेंटरों में तो गर्मी से बचाव के लिए पंखे तक नहीं है। इससे वहां ठहरने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गर्मी के कारण दो बच्चे बीमार हो गए।
कोरोना वैश्विक महामारी की चेन को समाप्त करने के लिए बाहर से आने वाले मजदूरों और कामगारों को क्वारंटीन सेंटरों में रोका जा रहा है। यहां ठहरने वाले लोगों को शासन की गाइड़ लाइन के अनुसार भोजन, नाश्ता और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान को दिए गए है। वर्तमान में कई सेंटरों में गर्मी से बचाव के लिए पंखे तक का प्रबंध नहीं है। ग्राम सुनौरा में बने क्वारंटीन सेंटर में हरियाणा से आए एक दंपती और उसके दो बच्चे आशिक (5) और शाहिल (3) ठहरे हुए हैं। बुधवार को गर्मी के कारण दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई। टीम दोनों बच्चों को उपचार के लिए सीएचसी ले गई। जहां उपचार चल रहा था। टीम में धीरज कुमार, नीलेश सिंह, पंकज शर्मा, हिमांशु मिश्रा थे।
क्वारंटीन सेंटर में रुके लोगों के लिए टेबल फैन लगवाया था, जो कोई निकाल ले गया है।
- स्वाती वर्मा, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी
--------------------------
विरोधी लोग बदनाम करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। क्वारंटीन सेंटर में सभी सुविधाएं हैं।
- प्रमोद सिंह पायक, ग्राम प्रधान सुनौरा