तालबेहट। बुधवार को सुनौरा क्वारंटीन सेंटर से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए गए दोनों बच्चों की बृहस्पतिवार को हालत बिगड़ गई। इस पर उन्हें जिला चिकित्सालय भेज दिया गया। वहीं, ग्राम प्रधान ने उपचार के नाम पर कुछ गोलियां देने और शेष दवा बाहर से लाने की बात कहते हुए स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं की उपलब्धता बनाने की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। बच्चों को उल्टी- दस्त की शिकायत है।
शासन के निर्देश पर गांव-गांव में बाहर से आने वाले लोगों को बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों में रोका जा रहा है। कुछ सेंटरों में बुनियादी सुविधाएं न होने का असर इनमें ठहरने वालों पर दिखने लगा है। ग्राम सुनौरा में बने क्वारंटीन सेंटर में हरियाणा से आए एक दंपति और उसके दो बच्चे आशिक (5) और शाहिल (3) ठहरे हुए हैं। बुधवार को दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई। टीम दोनों बच्चों को उपचार के लिए सीएचसी ले आई थी। जहां बाल रोग विशेषज्ञ ने दोनों बच्चों को देखा और गोली देकर वापस क्वारंटीन सेंटर भेज दिया। इसके बाद रात में दोनों मासूमों की हालत और बिगड़ गई। जानकारी के बाद सुबह ग्राम प्रधान प्रमोद पायक ने चिकित्सा अधीक्षक को इसकी सूचना दी। एंबुलेंस से दोनों बच्चों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया।
बच्चों की हालत बिगड़ने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी थी। इस पर उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया है। बुधवार को पीड़ित बच्चों को मात्र गोलियां दी गई थी और कुछ दवाएं बाहर से खरीदने के लिए कहा गया था।
- प्रमोद सिंह पायक, ग्राम प्रधान सुनौरा
जो दवाएं सीएचसी में उपलब्ध थीं, वह मैंने बच्चों को दी थी। सीरप थे नहीं। मैंने कोई दवा बाहर से नहीं मंगवाई।
- डा. अनिल शॉक्या, बाल रोग विशेषज्ञ सीएचसी तालबेहट
दोनों बच्चों का जिला मुख्यालय पर उपचार चल रहा है। बाहर से दवा लिखने की जानकारी नहीं है। इस बात की जानकारी करता हूं। जो दवाएं उपलब्ध हैं, वह मरीजों को दी जा रही हैं।
- डा. नरेंद्र कुमार चिव्कित्सा अधीक्षक सीएचसी तालबेहट