ललितपुर। मकर संक्रांति के नजदीक आने पर बाजार में गुड़ व मेवा की खरीदारी बढ़ गई है। दुकानों पर तिल व मेवा की मांग बढ़ गई है, जिससे बाजार में भीड़ नजर आने लगी है। हालांकि, पिछले वर्ष की अपेक्षा 20 प्रतिशत महंगाई बढ़ गई है। इस कारण लोग जरूरत का ही सामान खरीद रहे हैं।
मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। त्योहार के नजदीक आते ही किराना से संबंधित दुकानें सज गईं है। शहर में नझाई बाजार में दो दर्जन से अधिक दुकानें सजीं हैं। इसके अलावा हाथ ठेलों पर भी मेवा का बजार सज गया है। बाजार में खरीदारी बढ़ने से खुले सामानों के साथ- साथ छोटे-बड़े पैकटों में भी सामान मिल रहा है। लाई में हल्के दानों की अपेक्षा बड़े दानों की बिक्री अधिक हो रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा 20 प्रतिशत महंगाई होने केे कारण लोग अपनी जरूरत के अनुसार लाई चूरा, तिलकुट, गुड़ व अन्य सामान की खरीदारी कर रहे हैं। गुड़ के विक्रेता राकेश ने बताया कि पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार बिक्री ठीक होने की संभावना है। ग्राहक कुछ कम मात्रा में सामानों की खरीदारी कर रहे हैं, लेकिन अभी त्योहार को पांच दिन का समय बाकी है। इसलिए बिक्री और बढ़ेगी।
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मेवा की दर प्रति किलोग्राम
सामान - पिछले वर्ष की दर- मौजूदा वर्ष की दर
गुड़ - 26 - 35
तिल- 130- 150
किशमिश- 200 से 230- 230 से 250
छुहारे- 160 से 170 - 200 से 250
गरी- 120 से 150 150 से 200
मखाने - 430 से 450 460 से 500
काजू- 550 से 580 600 से 800
चिरौंजी- 730 से 760- 780 से 800
पिस्ता- 1100 1200
15 जनवरी को सुबह आठ बजकर 24 मिनट से मकर संक्रांति शुरु हुुई है। 15जनवरी को ब्रह्ममुहूर्त सुबह चार बजे से प्रारंभ होकर सूर्यास्त तक रहेगा। प्रत्येक माह में भगवान सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रस्थान करते हैं और एक राशि से दूसरी राशि में जाने को संक्रांति कहा जाता है। वर्ष भर में 12 संक्रांति होती हैं, लेकिन इस संक्रांति का विशेष महत्व है। संपूर्ण भारत में मकर संक्रांति के अवसर तीर्थों में पावन नदियों में स्नान करने का धर्मशास्त्र में बहुत महत्त्व है।
- डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री
मकर संक्रांति का त्योहार नजदीक आ गया है। इसको लेकर घर में लड्डू बनाने की तैयारी की जा रही है। तिल को साफ करने का काम किया जा रहा है। लाई के लड्डू तैयार हो चुके हैं।
- बबीता साहू
यह पर्व अधिक खर्च का त्योहार माना जाता है। इसकी तैयारी पांच दिन पहले ही शुरू हो चुकी है। घर में मेवा व अन्य मिष्ठान बनाए जा रहे हैं। पर्व के एक- दो दिन पहले लड्डू बनने का कार्य शुरू होगा।
- गायत्री
पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लगभग 25 प्रतिशत महंगाई चल रही है। इसके चलते अधिकांश लोग अपनी क्षमता के अनुसार मेवा की खरीदारी कर रहे हैं।
- प्रदीप साहू