संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खराब मौसम से दलहनी फसलें प्रभावित होने लगी हैं। रात में गिर रहे पाले से मटर, चना व मसूर की फसल पर बर्फ जम रही है। फूल के साथ फलियां नष्ट हो रही हैं। किसानों का कहना है कि अब फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। इससे लागत निकालना भी मुश्किल होगा।
पहाड़ी क्षेत्र में बर्फबारी के साथ मैदानी क्षेत्र में हवाएं चलने से मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह घना कोहरा छा रहा है, जो दोपहर तक बरकरार रहता है। साथ ही गलन भरी सर्दी से दिन में भी राहत नहीं मिल पा रही है। दलहनी फसलों पर पाला पड़ने लगा है। किसानों ने बताया कि धूप न निकलने से चना व मसूर की फसल में फूल नहीं आ रहा है। जिसमें फूल आ गए हैं, अब वे पाले से खराब हो रहे हैं। दलहनी फसलों में फूल व फलियां लग रही थीं, लेकिन चार दिन से पड़ रही सर्दी और घने कोहरे ने फसलों को प्रभावित कर दिया है। फूल व फलियां सिकुड़ गई हैं। पैदावार कम होने की आशंका है।
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धूप न निकलने से फसलें पहले से ही खराब हो रही थीं, अब पाले ने स्थिति और बिगाड़ दी है। यदि ऐसे ही दो-चार दिन और जारी रहा तो काफी नुकसान हो जाएगा।
- नंदलाल
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बीते तीन दिनों से लगातार ठंड से फसलों में पाला पड़ रहा है। मटर, चना व मसूर की फसल के फूल व फलियां खराब हो रही हैं।
- रामलाल झा
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अभी अधिक ठंड पड़ रही है, इससे पाला पड़ने का खतरा बना हुआ है। किसान खेतों में नमी बनाए रखें, इससे नुकसान का खतरा कम रहेगा।
डॉ. दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक