डोंगराखुर्द/ललितपुर। जनवरी के अंतिम सप्ताह में मौसम में आए अचानक परिवर्तन से पड़े पाले ने दलहनी फसलों को प्रभावित कर दिया है। इससे मटर व चना की फसल में लगे फूल व फली दोनों खराब हो गए। फसलों के प्रभावित होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं।
पहाड़ी क्षेत्र में बीते सप्ताह हुई बर्फबारी व मैदानी क्षेत्र में हवाओं के साथ हुई बरसात से मौसम का मिजाज बदल गया था। इससे भीषण सर्दी पड़ी। मैदानी भागों में छाए घने कोहरे से दलहनी फसलों में पाला पड़ गया। पाले से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। दलहनी फसलों में जनवरी के दूसरे सप्ताह में फूल व फलियां लग रहीं थी, लेकिन पांच दिन पड़ी सर्दी और घने कोहरे ने फसलों को प्रभावित कर दिया है। फूल व फलियां सिकुड़ गई हैं। इससे पैदावार कम होने की संभावनाएं बन रही हैं।
रबी सीजन में फसलों की बुआई में किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ा था। शुरूआत में किसानों ने ऊंची कीमत पर मटर ,मसूर, चना आदि बीज खरीद कर खेतों में बोया था, लेकिन बीज को कीड़े खा गए, जिससे जम नहीं पाया। इससे किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी और अब पाला पड़ने से नुकसान हो गया है। नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगरा खुर्द, दिगवार, बरेजा, पटना, गुढ़ा खिरिया, गुरयाना, देवरी आदि गांवों में फसलें खराब हो र्गई हैं।
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पांच एकड़ जमीन में मटर और चना महंगे दामों में खरीद कर बुवाई की थी। कुछ दिनों पहले अधिक ठंड में पाला पड़ने से खराब हो गई है। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
- हरजू अहिरवार
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दो बार बुवाई की और दो सौ पचास रुपये प्रति घंटा से सिंचाई करवाई थी, लेकिन अब फसल में पाला पङ गया। इससे दाना पक नहीं पाया और फसल सूखने लगी।
- हीरालाल कुशवाहा
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फसलों में पाला पड़ने की सूचना नहीं है, लेकिन संबंधित क्षेत्र में जांच कराई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष कुमार सविता
उप कृषि निदेशक
डोंगरा खुर्द में बर्बाद फसल को दिखाता किसान।- फोटो : LALITPUR