झांसी। मंडल में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का प्रचार-प्रसार बंद कर दिया गया है। विभाग को योजनाओं के प्रचार-प्रसार में लगातार मिल रहीं अनियमितताओं के चलते शासन ने पूरे प्रदेश में बजट खर्च करने पर रोक लगा दी है। निर्देशों के बाद झांसी में भी प्रचार-प्रसार मद मेें होने वाले भुगतान रोक दिए गए हैं।
दरअसल, शासन की ओर से हर जिले के स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए बजट दिया जाता है। इस बजट से होर्डिंग, दीवार पेंटिंग समेत अन्य तरह से जागरूकता वाले कार्य किए जाते हैं। साथ ही यह बजट एनसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू, शुगर, रक्तचाप, समेत हृदय संबंधित रोगों और जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण समेत अन्य योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने पर खर्च किया जाता है।
शासन को हाल ही में शिकायतें मिलीं कि प्रदेशभर में प्रचार-प्रसार मद में दिए जाने वाले बजट में गोलमाल हो रहा है। कई जिलों से तो यह भी सामने आया कि जागरूकता कार्यक्रम कराए बिना ही अफसर भुगतान कर देते हैं। इसके चलते शासन ने बजट खर्च करने पर रोक लगा दी है।
ललितपुर के स्वास्थ्य विभाग को बीते साल नवंबर माह में 1.80 करोड़ रुपये जारी किया गया था। जिसमें से ढाई माह में 27 लाख रुपये खर्च किए गए। अब शासन ने यहां शेष बचे 1.53 करोड़ रुपये खर्च करने पर रोक लगा दी। झांसी में भी बड़ा बजट इस मद में पड़ा है। शासन के निर्देश के बाद विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बंद कर दिया गया है। साथ ही बजट पर रोक लगने के बाद जागरूकता कार्यक्रमों से संबधित भुगतान रोक दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रसार- प्रसार को आई राशि के खर्च करने पर रोक लगा दी गई है। शासन के निर्देश के बाद बजट खर्च किया जाएगा। - डॉ. सुधाकर पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, झांसी