ललितपुर। शुक्रवार का दिन नगरवासियों को लिए बड़ी राहत लेकर आया। कई दिनों से चल रही हड़ताल सफाई कर्मचारियों ने खत्म कर दी। शनिवार की सुबह से वह अपने काम पर वापस लौटेंगे। कचरे और गंदगी से परेशान लोग अब सफाई कार्य फिर शुरू होने से सुकून महसूस करेंगे। वहीं, वातावरण भी शुद्ध हो सकेगा।
नगर निकायों में हो रही संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण के विरोध में नगर पालिका के समस्त वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। सोमवार से शुक्रवार तक इन चार दिनों में पूरा शहर गंदगी से पट गया है। शहर के सभी मुहल्लों की गलियों, खाली मैदानों, मुख्य सड़कों, बाजार, बस स्टैंड व सार्वजनिक स्थलों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। नालियां गंदगी से बजबजाने लगी हैं और बदबू के कारण लोगों का सांस लेना दुश्वार हो गया था। लेकिन, शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है। इससे नागरिकों को काफी राहत मिली है। शनिवार की सुबह से समस्त सफाई कर्मचारी अपने-अपने काम पर लौट आएंगे। इससे शहर में सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आएगी।
एसडीएम के आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों की मांग थी कि नगर निकायों में हो रही संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आरक्षण खत्म किया जाए। इसमें केवल वाल्मीकि समाज के ही लोगों की भर्ती की जाए। इसी मांग को लेकर वह सोमवार से हड़ताल पर थे। शुक्रवार को सदर एसडीएम रमेशचंद्र तिवारी व नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार आवेदकों के साक्षात्कार को छोड़कर उन्हें मनाने के लिए नगर पालिका कार्यालय के बाहर धरना स्थल पर पहुंचे। हड़तालियों को एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि जिला प्रशासन ने उनकी मांगों को शासन के पास भेज दिया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो भर्ती प्रक्रिया चालू है वह जारी रहेगी, लेकिन शासन के निर्देश आने के बाद ही चयनित लाभार्थियों की नियुक्ति की जाएगी। इस आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है और शनिवार को अपने काम पर लौट आएंगे। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है कि यदि उनकी मांगों के विपरीत भर्ती प्रक्रिया हुई तो वह फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को बाध्य होंगे। इस दौरान मंजीत करौसिया, दीपक, आशीष अहरिया, कुंजबिहारी बावरा, पुष्पेंद्र, शनि, बृजेश, अनिल, मिथुन, अजय, संदीप, अमरदीप, महेंद्र, अर्जुन, नंदकिशोर, बबीता, रीना, राखी, गीता, राजकुमारी, वंदना, सकुंतला, कुसुम, लता, सरोज आदि उपस्थित रहे।