मासिक लोक अदालत में शनिवार को सुलह-समझौता के आधार पर 761 विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया। 10.34 लाख रुपये की समझौता राशि का निस्तारण भी हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश द्वारा सात वादों का निस्तारण कर 9,17,862 की धनराशि का निर्धारण किया गया। अपर जिला जज (डकैती) द्वारा कुल बारह वादों का निस्तारण कर पांच सौ रुपए की राशि का निर्धारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 22 पारिवारिक वादों को निस्तारित किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विभिन्न प्रकृति के 225 वादों का निस्तारण करते हुए 81 हजार 300 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया। वहीं सिविल जज जूनियर डिवीजन द्वारा विभिन्न प्रकार के 29 वादों का निस्तारण करते हुए 10 हजार 340 रुपए का अर्थदंड निरुपित किया गया।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विभिन्न प्रकार के 41 वाद निस्तारित कर 11 हजार 410 रुपए अर्थदंड निरुपित किया गया। वहीं जिला मजिस्ट्रेट एवं जनपद की सभी तहसीलों द्वारा विभिन्न प्रकार के कुल 362 वादों का निस्तारण हुुआ। बाह्य न्यायालय महरौनी द्वारा 44 विभिन्न प्रकार के वाद निस्तारित कर 12 हजार 40 रुपए अर्थदंड निरुपित किया, जबकि बाह्य न्यायालय तालबेहट द्वारा कुल दस वाद निस्तारित कर 50 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। मुख्यालय स्थित जनपद न्यायालय में आयोजित लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश सुभाष चंद्र शर्मा, अपर जिला जज अशोक कुमार यादव, अपर जिला जज हरीश कुमार यादव, अपर जिला जज लोकेश राय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योत्सना सिंह, सिविल जज जूनियर डिवीजन मुन्नालाल, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सक्सेेना के अलावा अधिवक्ता एवं वादकारी उपस्थित रहे।