ललितपुर। शहर में मनमाने तरीके से अवैध होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि मार्च माह में ठेका समाप्त हो गया था, लेकिन होर्डिंग बराबर लग रहे हैं। नगर पालिका ने इस मामले में नोटिस जारी कर अपने काम से पल्ला झाड़ लिया है। इसका नतीजा है कि होर्डिंग कारोबारी मनमाने तरीके से होर्डिंग लगाकर पैसे वसूल रहे हैं।
नगर पालिका परिषद की सीमा के अन्तर्गत प्रमुख सड़कों के साथ मुहल्लों में अलग-अलग रेट के अनुसार होर्डिंग्स लगाने का ठेका दिया जाता है। इसमें एक ठेकेदार को प्रमुख मार्गों पर होर्डिंग लगाने का ठेका देने के बाद कम यातायात वाले मार्गों पर अलग से ठेका दिया जाता है, जिसमें एक-एक साइड पर छोटे ठेकेदार ठेका लेकर होर्डिंग लगाने का काम करते हैं। वर्तमान में करीब दो दर्जन से अधिक साइडों पर सात सैकड़ा से अधिक होर्डिंग्स लगे हुए हैं। इन होर्डिंग्स पर नगर पालिका प्रतिमाह पांच रुपये प्रति स्क्वायर फुट के हिसाब से धनराशि वसूलती है।
लेकिन, नगर में होर्डिंग का ठेका 31 मार्च को समाप्त हो गया। अप्रैल और मई के साथ जून माह की सात तारीख निकल गई है। इसके बाद भी नया ठेका नहीं हुुआ है। नगर पालिका परिषद के संबंधति नजूल विभाग ने इस संबंध में नोटिस भी जारी किया है, लेकिन ठेकेदार होर्डिंग को हटाने के बजाए मनमाने तरीके से टांगने का काम कर रहे हैं।
नियमों को ध्यान नहीं रखते ठेकेदार
नगरीय सीमा में लगने वाले होर्डिंग्स को सड़क की पटरी के बाद लगाने के नियम हैं, लेकिन ठेकेदार पटरी पर ही होर्डिंग्स लगा रहे हैं। इसका असर वाहन चालकों पर पड़ता है। और यातायात भी प्रभावित होता है। कई बार तो जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। प्रशासन को ठेकेदारों पर नकल कसनी चाहिए, लेकिन ऐसा किया नहीं जाता है।
ठेका नहीं हुआ है, लेकिन पुराने रेट के अनुसार नगर में लगे होर्डिंग से शुल्क ली जा रही है।
- के एन शर्मा, अधिशासी अधिकारी