ललितपुर। विद्युत सब स्टेशनों से निकले विभिन्न फीडरों पर करंट और सही खपत की मानीटरिंग के लिए पीटी मीटरिंग को एचटी लाइनों से न जोड़कर सीधा ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया गया है। इससे फीडर से होने वाली बिजली की खपत की जानकारी नहीं हो पा रही है।
नगर में गल्ला मंडी स्थित 66 केवी, नझाई बाजार और बाईपास स्थित 33 केवी सब स्टेशनों में स्थापित विभिन्न फीडरों के माध्यम से शहर और सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों को रोशन किया जाता है। प्रत्येक फीडर पर विद्युत के लोड के हिसाब से विद्युत संयोजन दिए गए हैं।
वहीं, विभिन्न फीडरों को रोशन करने के लिए सब स्टेशनों से निकली हाईटेंशन लाइनों (एचटी लाइन) से पहले पीटी मीटरिंग बॉक्स लगाए गए थे, जिनसे उस फीडर की एचटी लाइनों के करंट और उससे जुड़े विभिन्न ट्रांसफार्मरों के माध्यम से होने वाली विद्युत खपत की सही जानकारी आसानी से ली जा सके। यहां तक कि पीटी मीटरिंग बॉक्स लगने से उस फीडर पर होने वाले लाइनलास की सटीक जानकारी मिल जाती थी।
लेकिन, अब सब स्टेशनों से निकली एचटी लाइनों के लिए लगाए जाने वाले यह पीटी मीटरिंग बाक्स मात्र शोपीस बने हुए है, जबकि ट्रांसफार्मरों से एचटी लाइनों को सीधे जोड़ दिया गया है। इस उपकरण से हाइटेंशन लाइनों व उससे जुड़े सभी ट्रांसफार्मरों की मॉनीटरिंग की जा सकती थी, जिससे समय रहते उस फीडर पर खपत के आधार पर राजस्व वसूली व मेंटीनेंस का कार्य भी आसान हो जाता है। लेकिन, इस ओर लापरवाही बरती जा रही है।
जर्जर तार दे रहे हादसों को न्यौता
ललितपुर। नझाई बाजार सब स्टेशन के बाहर लो टेंशन (एलटी) लाइनों का जाल बिछा हुआ है। लेकिन, यह लाइनें काफी जर्जर हो गई हैं। नझाई बाजार के इस व्यस्ततम मार्ग पर जर्जर तारों में फाल्ट से आए दिन अफरा-तफरी मची रहती है।
बिजली विभाग के मुख्य अभियंता ने यहां के जर्जर तारों को हटाकर बंच केबल बिछाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक यह तार नहीं बदले जा सके हैं। सब्जियों व अन्य किराना की दुकानों पर सामान से लदे ऊंचाई वाले ट्रकों की रोजाना आवाजाही होती है। ऐसे में खुले जर्जर तारों से यहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।