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Lalitpur News: चालीस करोड़ की परियोजना... आधे गांवों में भी नहीं पहुंच रहा पानी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बार/ललितपुर। ब्लॉक तालबेहट और बार के दो दर्जन गांवों की प्यास बुझाने में मथुराडांग ग्राम समूह पेयजल योजना हांफ रही है। 12 गांवों में सालभर से एक बूंद पानी नहीं आया है, जबकि अन्य 12 गांवों में एक-दो दिन के अंतराल पर सप्लाई दी जा रही है। गर्मी के बीच 35 हजार की आबादी पेयजल की किल्लत से जूझ रही है।
वर्ष 2010 में मथुराडांग पेयजल योजना बनाई गई थी। इसका निर्माण लगभग 40 करोड़ रुपये से किया गया था। शहजाद बांध से पानी उठाकर कुल 24 गांवों में आपूर्ति की जानी थी। बार ब्लॉक के पुलवारा, धमना, गैंदोरा, लड़वारी, बरौदाडांग, पारौन, भैलोनीसूबा, मथुराडांग, सेमराडांग, बस्तगुवां, गढ़िया और तालबेहट ब्लॉक के रमपुरा, कठवर, संसुवा, खैरीडांग, खैराडांग, खिरियाडांग, कंगीरपुरा, ककरेला, सुनपुरा, बठवाहा, जिजरवारा, रजपुरा, मनपुरा, चुनगी आदि गांवों को इस योजना से जोड़ा गया था। इन गांवों में आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने के साथ पांच टंकी का निर्माण किया गया था। लेकिन, 14 वर्ष बाद भी पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार टेस्टिंग के समय ही पाइपलाइन में लीकेज थी, जो अब तक ठीक नहीं हो सकी। कई टंकियों तक में रिसाव हो रहा है। इससे 12 गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है।
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पांच जोन में बांटने के बाद भी नहीं मिला पानी
सभी गांवों को पानी नहीं मिल पाने से इस योजना को पांच जोन में बांटा गया। इनमें ग्राम पुलवारा, लड़वारी, बरौदाडांग, पारौन व सेमराडांग में टंकियों का निर्माण कराया गया। अब तक इसकी टेस्टिंग मात्र ही की जा सकी है।
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14 वर्ष बाद भी दो गांवों में नहीं बिछाई जा सकी पाइपलाइन
इस योजना से ग्राम कठवर व चुनगी में भी पेयजल आपूर्ति की जानी थी, लेकिन 14 वर्ष बीतने के बाद भी अब तक इन दोनों गांवों में पाइपलाइन तक नहीं डाली गई। ऐसे में लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
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