उप्र जल निगम की निर्माण इकाई जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजना के तहत गांवों में स्वच्छ पेयजल आपर्ति मुहैया कराती है। लंबे समय से निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक इंजीनियर एसएन खरे के खिलाफ चहेतों को कार्य देने, बिना अनुमति के पाइप खरीदने, चचेरे भाई को ठेकेदारी से लाभ पहुंचाने आदि की शिकायतें मिल रही थीं। मामला इतना ज्यादा बढ़ा कि उनकी शिकायत संबंधित विभाग के मंत्री तक पहुंच गई। इस पर उन्हें ललितपुर से हटाकर चीफ आफिस झांसी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। लेकिन, इसके बाद भी शिकायतें कम नहीं हुईं। अब उन पर आरोप लगने लगे थे कि वह ललितपुर आकर पिछली तिथि में फाइलों पर दस्तखत कर रहे हैं और ठेकेदारों को भुगतान भी कर रहे हैं।
यह शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंची तो उन्होंने उपजिलाधिकारी पूनम निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम सोमवार रात करीब आठ बजे कार्यालय पहुंचीं, लेकिन किसी तरह उनके आने की भनक संबंधित विभाग के कर्मचारियों को लग गई और आनन-फानन में कार्यालय बंद कर दिया गया। इस पर वह वापस लौट आईं। मंगलवार को तहसील दिवस होने के बाद भी एसडीएम पूनम निगम सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे प्रोजेक्ट मैनेजर के कार्यालय पहुंचीं। यहां पर उन्होंने लेखा कार्यालय में मौजूद स्टाफ से भुगतान के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कैश रजिस्टर, अनुबंध रजिस्टर, सिक्योरिटी रजिस्टर, कैश बुक, चेक बुक आदि दस्तावेज एक पेटिका में रखकर सील कर दिए। इस मौके पर नायब तहसीलदार अवधेश निगम भी मौजूद रहे। कार्यालय में लगभग दो घंटे तक सीलिंग की कार्रवाई चलती रही, इस दौरान स्टाफ के कुछ लोग दाएं-बाएं होकर मोबाइल फोन पर दूसरों को जानकारी देते रहे।