ललितपुर। इलाज को भटक रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब निजी अस्पतालों को नियमित खोला जाएगा। यहां पर इलाज के साथ-साथ कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) का पालन करते हुए मरीजों को देखा जाएगा।
कोरोना वायरस से बचने के लिए लोगों को खुद ही बचाव करना होगा। संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए शासन ने विभिन्न तरीके बताए थे, जिसमें सबसे प्रमुख माध्यम सोशल डिस्टेंसिंग है। शासन ने सरकारी अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की भीड़ को देखते हुए बीते दिनों में ओपीडी सेवा व जांच की सुविधा को बंद कर दिया था। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद होने के बाद मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर गए। इससे निजी अस्पतालों में अधिक भीड़ जुटने लगी थी।
निजी अस्पतालों में बचाव के तरीकों को दरकिनार करते हुए इलाज किया जा रहा था, यहां पर अधिक भीड़ जुटने से संक्रमण बढ़ने की संभावना थी। इसको लेकर शासन द्वारा निजी अस्पतालों को बंद कर दिया गया, लेकिन मौसम में हो रहे परिवर्तन से मौसमी बीमारियां पनप रहीं है। ऐसे में मरीजों की संख्या सामान्य दिनों के अपेक्षा दोगुना हो गई है। रबी की कटाई से खांसी व जुकाम के अधिक मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों के बंद होने से मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा था। बढ़ते मरीजों को इलाज मुहैया कराने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने निजी अस्पतालों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर मरीजों को इलाज दिलाने के निर्देश डीएम को दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान निजी अस्पतालों को खोला जाए। पैरामेडिकल स्टाफ की निश्चित अवधि के लिए उपस्थिति सुनिश्चित करें। इलाज के उपकरण व दवाइयों की सुविधा की जाए। अस्पतालों में समुचित सुविधा के लिए आईएमए के चिकित्सकों का सहयोग लिया जाए। अस्पताल न खुलने पर कार्रवाई की जाए।
अब निजी अस्पताल के प्रबंधकों के साथ वार्ता कर सोशल डिस्टेंसिंग अपनाकर अस्पतालों को खोला जाएगा, जिससे मरीजों को इलाज मुहैया हो सके।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी