- जुलाई 2024 से जिला कारागार में चल रहा निरुद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। एक साल से जिला कारागार में निरुद्ध चल रहे बंदी ने शुक्रवार की शाम को विषाक्त का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल काॅलेज में भर्ती कराया गया। हालांकि जेल प्रशासन ने फिनाइल पीने की बात को नकार दिया और गले में खराश होने की दवा खाने और गरारे के वक्त गले में ऊंगली डालकर उल्टी करने की बात कही। फिलहाल यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
शुक्रवार की शाम को बंदी शहबाज खान (22) निवासी पूराकलां रोड, तालबेहट की हालत बिगड़ गई। साथी बंदियों ने इसकी जानकारी बंदी रक्षक को दी। पूछताछ में शहबाज ने फिनाइल पीने की बात बताई। जिसके बाद उसे लेकर जेल अस्पताल पहुंचे। यहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जेल पुलिस आनन फानन में उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची और भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि शहबाज जेल में राइटर था। आठ दिन पूर्व ही उसकी इस जिम्मेदारी को एक अन्य बंदी को सौंप दी गई थी। जिसको लेकर वह मानसिक परेशान चल रहा था। उसने बताया कि इस कारण उसने फिनाइल पी ली है। डिप्टी जेलर जीवन सिंह के मुताबिक शहबाज खान जुलाई 2024 से जिला कारागार में बंद है। चिकित्सकों ने बंदी की हालत में सुधार बताया है। उसके गले में खराश थी। जेल चिकित्सक ने उसे दवा दी थी। शुक्रवार को गरारे कर रहा था, इस दौरान उसने गले में ऊंगली को डाल दिया था। जिससे उसे उल्टी होने लगी थी। बंदी ने फिनाइल या अन्य विषाक्त पदार्थ का सेवन नहीं किया है। फिर भी इसकी जांच कराई जाएगी।