- 16वीं किस्त 1.54 लाख तो 17वीं किस्त 1.66 लाख किसानों को हुई जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में चार माह में 12 हजार लाभार्थी किसानों की वृद्धि हो गई। 16वीं किस्त 1.54 लाख किसानों को जारी हुई थी लेकिन चार माह बाद 17वीं किस्त 1.66 लाख किसानों को जारी हुई है। विभागीय अफसरों का कहना है कि किसान खातों का ईकेवाईसी और बैंक खाता में आधार कार्ड लिंक होने के कारण लाभार्थी किसानों की संख्या बढ़ रही है।
केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक दशा को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित की है। किसानों को एक वर्ष में तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीयन कराना होता है। इसके बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभ के लिए आवेदन करना होता है। राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के बाद कृषि विभाग डाटा केंद्र सरकार को भेज देता है। सही होने पर लाभ दिया जाता है। जिले में 2.64 लाख किसान पंजीकृत हैं।
लेकिन, कई किसानों का डाटा दुरुस्त न होने या ईकेवाईसी न कराने से लाभ से वंचित हो रहे हैं। हालांकि कृषि विभाग किसानों के डाटा दुरुस्त कर कमियां दूर करने में जुटा हुआ है। बीते माहों में विभाग ने लगभग 40 हजार से अधिक किसानों का डाटा ठीक किया। इससे 16वीं किस्त के सापेक्ष 17वीं किस्त में 12 हजार लाभार्थी किसानों की संख्या बढ़ गई है। 17वीं किस्त में एक लाख 66 हजार 182 किसानों को किस्त का भुगतान किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शेष किसानों को पीएम सम्मान निधि की राशि आ जाएगी।
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किसान के निधन होने पर दें सूचना
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी किसान की मृत्यु हो गई है। मृतक किसान को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था तब परिजन विभाग को सूचना दें। जिससे किश्त बंद हो जाए। साथ ही उसके परिजनों या बारिशों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सके।
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किसान ईकेवाईसी कराएं, और खातों में आधार कार्ड लिंक कराएं
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए ईकेवाईसी की जांच करते रहें। आवश्यकता पड़ने पर ईकेवाईसी कराएं। साथ ही खाता में आधार कार्ड लिंक कराएं। ईकेवाईसी व आधार लिंक न होने से योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
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किसानाें के डाटा में सुधार कर फीड किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की संख्या बढ़ रही है। शेष किसानों को भी जल्द ही सम्मान निधि की किस्त का भुगतान हो जाएगा।
- बसंत कुमार दुबे, उप कृषि निदेशक