ललितपुर। शासन के सख्त रुख से शिक्षक और शिक्षिकाओं का संबद्घीकरण समाप्त होने लगा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में लंबे समय से संबद्घ दो सह समन्वयकों को संबंधित बीआरसी भेज दिया गया है, वहीं प्राथमिक विद्यालय सहरिया बस्ती की दो शिक्षिकाओं का भी संबद्घीकरण समाप्त किया गया है। इससे विभाग में जुगाड़ से तैनाती को बहाल रखने वाले संबद्घ शिक्षक व शिक्षिकाएं बचाव की मुद्रा में नजर आने लगे हैं।
परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा-व्यवस्था दुरुस्तबनाने के बहाने के नाम पर शिक्षक और शिक्षिकाओं के संबद्घीकरण का खेल लंबे समय से चल रहा है। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षक व शिक्षिकाओं के संबद्घीकरण को समाप्त करने के निर्देश दिए थे, साथ ही बीएसए से अस्थाई ड्यूटी का ब्योरा भी तलब कर लिया था। इसका असर अब दिखाई देने लगा है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की प्राचार्य कीर्ति शुक्ला ने सह समंवयक विनीत तिवारी और दीपा सिंधी का संबद्घीकरण समाप्त कर दिया है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा ह्दय शंकर लाल श्रीवास्तव ने प्राथमिक विद्यालय सहरियाबस्ती में संबद्घ दो शिक्षिकाओं को मूल विद्यालय के लिए रिलीव कर दिया है। इससे अन्य शिक्षक और शिक्षिकाओं को अपने संबद्घीकरण के निरस्त होने की चिंता सताने लगे हैं।
गौरतलब है कि तीन दर्जन शिक्षक व शिक्षिकाओं का संबंद्धीकरण चल रहा है। बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से संबद्धीकरण समाप्त करने का प्रमाणपत्र देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं दिया गया है।
तोड़- मरोड़कर पेश कर रहे ब्योरा
खंड शिक्षा अधिकारी संबद्घीकरण का ब्योरा तोड़- मरोड़कर पेश कर रहे हैं। कई खंड शिक्षा अधिकारियों ने संबद्घीकरण का वास्तविक ब्योरा बीएसए को उपलब्ध ही नहीं कराया है। दिलचस्प बात यह है कि ब्लॉक जखौरा, बिरधा, महरौनी व बार में सबसे ज्यादा संबद्घीकरण शिक्षक, शिक्षिकाओं व अनुदेशकों का रहा है।