ललितपुर। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के साथ ओवरलोडिंग की स्थिति काफी
बिगड़ गई है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक साथ दो फीडर
चलाना मुश्किल हो रहा है। पीक ऑवर में तो बार-बार ट्रिप होने से बिजली के
उपभोक्ता घंटों परेशान हो रहे हैं।
गर्मी अपने चरम पर है, इससे
घरों में बिजली की खपत डेढ़ से दो गुना तक बढ़ गई है। कूलर, पंखे, एसी सहित
अन्य उपकरण चलने का असर उप बिजलीघरों से निकले फीडरों पर भी पड़ रहा है।
वर्तमान में नवीन गल्ला मंडी स्थित 33 केवीए से फीडर नंबर 4 व 5 तथा 66
केवीए उप बिजलीघर से फीडर नंबर 1, 3, नेहरू नगर, राजघाट व देवगढ़ जुड़े हुए
हैं। ओसीबी (ऑयल सर्किट ब्रेकर) मशीनों की क्षमता भले ही 240 एंपियर हो,
लेकिन लोड बढ़ने से मशीन खराब न हो इसके लिए 220 एंपियर पर रिले सेट है।
इससे अधिक लोड बढ़ते ही बिजली ठप हो जाती है। एसएसओ (सब स्टेशन ऑपरेटर) को
मजबूरी में फीडर बंद करने पड़ते हैं। कई बार तो टूट- फूट इतनी हो जाती है
कि लाइनमैनों को पेट्रोलिंग करने व सुधारने में घंटों का समय लग जाता है।
33
केवीए से जुड़े फीडर नंबर चार का लोड सामान्य दिनों में 110 रहता था,
लेकिन वर्तमान में 150 एंपियर चल रहा है। फीडर पांच का लोड 70 के स्थान पर
90 एंपियर चल रहा है। ऐसी स्थिति में फीडर बार-बार बंद होने शुरू हो जाते
हैं। हालांकि, 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर इन दोनों पर लगा होने के कारण
अधिक एंपियर पर भी कुछ समय तक चलता रहता है।
एक साथ न चलाएं उपकरण
विद्युत
अधिकारियों की मानें तो नगर के साथ ग्रामीण उपभोक्ता बिजली आते ही सभी
उपकरण तेजी से चालू कर देते हैं, जिससे कुछ ही समय में लोड यकायक बढ़ जाता
है। ऐसी स्थिति में ओसीबी मशीनें बंद हो जाती हैं और फीडर ट्रिप हो जाता
है। अधिकारियों ने थोड़ा समय के अंतर पर धीरे-धीरे उपकरण चलाने की बात कही
है।
जिले को दी जाए 24 घंटे बिजली
ललितपुर। बुंदेलखंड विकास
सेना के कार्यकर्ताओं ने जिले को 24 घंटे बिजली देने की मांग को लेकर
रविवार को सांकेतिक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि जिले में
कोयला, पानी व सूर्य की किरणों से बिजली का उत्पादन हो रहा है, इसके बाद भी
जिले को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है, इसका असर उद्योग
धंधों पर पड़ रहा है। बुंदेलखंड विकास सेना कार्यकर्ताओं ने मीडिया प्रभारी
राजमल जैन बरया के नेतृत्व में स्टेशन रोड पर सांकेतिक जाम लगाया और
नारेबाजी की। प्रदर्शन में हरविंदर सलूजा, संजय त्रिवेदी, गेंदालाल जैन,
ओमकार सिंह तोमर, रामबाबू राजपूत, सुखनंदन सोनी, गफूर खां, बीडी चंदेल,
जगदीश झा आदि उपस्थित रहे।