जाखलौन पंप केनाल को सौर ऊर्जा से संचालित करने और जगह की बचत करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा नहर पर पानी के ऊपर सोलर ऊर्जा प्लांट की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया गया है। नहर के ऊपर जहां सोलर पैनल लगाने का कार्य शुरू हो चुका है, वहीं स्विच यार्ड भी बनाया जा रहा है। पूर्व में स्थापित सोलर मॉडल में कंपनी द्वारा मामूली बदलाव भी किया गया है। यहां दो यूनिटों से छह मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाना है।
बेेतवा नदी किनारे बंदरगुढ़ा में पहाड़ी पर करीब डेढ़ सौ फीट ऊंचाई पर स्थापित जाखलौन पंप केनाल के संचालन द्वारा करीब 34 किलोमीटर नहर के माध्यम से करीब एक सैकड़ा गांवों को खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। नहर संचालन के लिए यहां छह पंप स्थापित हैं। लेकिन आए दिन बिजली वोल्टेज या फिर बिजली की कमी के कारण सभी छह पंपों का संचालन नियमित नहीं हो पाता है। इससे नहर कई बार पूरी क्षमता से नहीं चल पाती है और नहर का पानी अधिकांशत: टेल तक नहीं पहुंच पाता है। लेकिन अब पंप संचालन के लिए बिजली की किल्लत हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी। इसका कारण यह है कि जाखलौन पंप केनाल के संचालन के लिए सिंचाई विभाग द्वारा बिजली की कमी के निवारण और जगह की बचत को देखते हुए नहर के ऊपर छह मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। सिंचाई विभाग निर्माण खंड द्वितीय द्वारा जेपीसी की नहर पर सोलर ऊर्जा प्लांट की स्थापना के लिए यहां 3.50 मेगावाट और 2.50 मेगावाट क्षमता की दो यूनिटें बनाई जानी है। पूरा छह मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट बनाने में अनुमानित राशि करीब सात करोड़ रुपए बताई गई है। यह प्लांट नहर के ऊपर स्थापित किया जाएगा, जिसमें नहर से पानी भी बहता रहेगा और नहर के ऊपर बने ढांचे पर सोलर प्लांट की प्लेटों से सोलर ऊर्जा का उत्पादन भी होता रहेगा। यह प्लांट नहर पर करीब आठ किलोमीटर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। सोलर प्लांट की स्थापना के लिए यहां सिंचाई विभाग निर्माण खंड के अधिकारियों की देखरेख में पूर्व में नहर पर स्थापित मॉडल में मामूली बदलाव भी किया गया है। सोलर प्लांट के लिए नहर के दोनों ओर पैनल लगाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। वहीं पंप केनाल के पास स्विच यार्ड भी बनाया जा रहा है। सौर पैनल के अधिकांश उपकरण मंगा लिए गए हैं और सिंचाई विभाग द्वारा इसका कार्य तेजी के साथ शुरू कर दिया गया है।
जिला में 60 मेगावाट सौर ऊर्जा का हो रहा उत्पादन
ललितपुर। जनपद में उक्त प्लांट के अलावा वर्तमान में महरौनी खुर्द और अमरपुर स्थित 10-10 मेगावाट के तीन सौर ऊर्जा प्लांट से 30 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। जबकि महरौनी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पठा विजयपुरा में दस मेगावाट और ग्राम बारचौन में 20 मेगावाट के सोलर ऊर्जा प्लांट से भी 30 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इस प्रकार जनपद में पांच सौर ऊर्जा प्लांट के माध्यम से वर्तमान में 60 मेेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।