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Lalitpur News: मड़ावरा क्षेत्र में पोटाश मिलने की संभावना, भू वैज्ञानिकों ने डाला डेरा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मड़ावरा क्षेत्र में रॉक फास्फेट के बाद अब पोटाश जैसा प्रमुख खनिज मिलने की संभावना है। लखंजर में पोटाश की उपलब्धता मिली है। इसकी मात्रा व गुणवत्ता परखने के लिए लखनऊ से एक वैज्ञानिक दल ने यहां डेरा डाल रखा है। यह दल 310 हेक्टेयर भूमि का सर्वे का रहा है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इसकी खदानें गुलजार होंगी।
लखंजर की पहाड़ियों में पोटाश होने की संभावनाएं मिली हैं। इसकी खोज के लिए भूगर्भ वैज्ञानिकों का दल यहां पहुंच गया है। वह पहाड़ों को खोद कर वहां पोटाश की गुणवत्ता व उपलब्धता की जांच करेगा। उर्वरक के रूप में इसका उपयोग होता है। ऐसे में पोटाश की खदानों से यहां फर्टिलाइजर उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले यहां रॉक फास्फेट जैसा खनिज तत्व मिल चुका है, जिसकी खदानें भी संचालित होने लगी हैं। अब पोटाश मिलने से यहां खुशहाली आ सकती है। लखंजर क्षेत्र में सर्व करने वाली टीम में सहायक भू वैज्ञानिक अनुज कुमार, गोविंद कृष्ण व सहायक भौतिक वैज्ञानिक दीपेंद्र शामिल हैं।
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सोना, आयरन, रॉक फॉस्फेट जैसे तत्व भी यहां हैं मौजूद
जनपद खनिज तत्वों से भरा पड़ा है। यहां सोना, आयरन व प्लेटिनम जैसे तत्व मौजूद हैं। रॉक फास्फेट भी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है तो शीशा भी यहां पाया जाता है। अब पोटाश मिलने की संभावना से खनिजों में एक और नाम जुड़ गया है। यहां तांबे की भी उपस्थिति है, लेकिन एक जगह पर प्रचुर मात्रा में मौजूद न होने से उसका दोहन नहीं हो पा रहा है।

खनिज तत्वों को निकालने में वन विभाग बनता है रोड़ा
यहां कई महत्वपूर्ण खनिज तत्व हैं, लेकिन अधिकांश तत्व वन विभाग में स्थित पहाड़ियों पर होने के कारण वहां से इसके दोहन व सर्वे में काफी दिक्कत आती है। सर्वे के लिए पहले पर्यावरण विभाग से अनुमति लेनी होती है। इसके बाद जब पुष्टि हो जाती है तो उसके दोहन के लिए भी वापस वन विभाग के पास जाना पड़ता है। अब हाल में वन विभाग ने प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए विभागीय पोर्टल तैयार किया है, जहां आवेदन करने से जल्द प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है।
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मड़ावरा के लखंजर क्षेत्र में पोटाश मिलने की पुष्टि हुई है। भू वैज्ञानिकों की टीम करीब 310 हेक्टेयर भूमि पर सर्वे कर रही है।-अमितोश वर्मा, जिला खनिज अधिकारी।
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