साइकिल से पानी ढोते नेहरू नगर मोहल्लावासी
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ललितपुर। जल संस्थान की लड़खड़ाई जलापूर्ति ने शहरवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसा दिया है। लोअर जोन में जहां साइफन फेल होने से मांग के मुकाबले कम जलापूर्ति हुई, वहीं नेहरू नगर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। विभाग ने कई जगहों पर टैंकर पहुंचाकर लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की, जो नाकाफी साबित हुई।
कई दिनों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलापूर्ति लड़खड़ाई हुई है। इससे निपटने के लिए विभाग पूरी क्षमता के साथ टंकियों को भरने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें नेहरू नगर के शुद्ध जलाशय का इस्तेमाल करने के लिए उसे पाइप लाइन से जोड़ा जा रहा है। इसी कार्य के दौरान विद्युत आपूर्ति दगा दे गई तो लोअर जोन का साइफन फेल हो गया। इससे कसाई मंडी की टंकी पूरी क्षमता के साथ नहीं भर पाई। इससे मोहल्ला चौबयाना, रावरपुरा, महावीरपुरा, सरदारपुरा, मऊठाना, खिरकापुरा, पुरानी बजरिया, रैदासपुरा, श्रद्घानंदपुरा, विष्णुपुरा सहित कई मोहल्लों में पेयजल की समस्या बनी हुई है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नाममात्र की आपूर्ति हो रही है। इसी तरह लेड़ियापुरा की टंकी भी पूरी क्षमता के साथ नहीं भर पाई। इससे गांधीनगर, नई बस्ती में पानी की आपूर्ति कम हुई। मोहल्ला नेहरू नगर की कई गलियों में नल नहीं आ रहे हैं। सुबह से ही पुरुष-महिलाएं व बच्चे पानी भरने के लिये बर्तन लेकर हैडपंपों पर दौड़ पड़ते हैं, जिससे पानी भरने के लिए हैडपंपों पर भारी भीड़ लग जाती है। मोहल्ला नेहरू नगर में सिंह वाहिनी माता मंदिर पतरूआ धाम के सामने वाली गली में कई दिनों से पाइप लाइन के नलों में पानी नहीं आ रहा है। झिब्बू की दुकान के पास भी यही हाल बना है। रेलवे अस्पताल के पीछे गली नंबर एक, मेन रोड ट्रांसफार्मर के सामने मनसुख जाटव वाली गली में एक माह से नल नहीं आ रहे हैं। जाहिद खान मिस्त्री वाली गली एवं देवेंद्र राय वाली गली में भी कई दिनों से नल नहीं आ रहे हैं। जिन जगहों पर पहले एक घंटा तक नल आते थे, वहां अब कभी 15 मिनट तो कभी आधा घंटा ही नल आते हैं।
विभागीय अफसरों के पास हरदम रटा- रटाया जबाब रहता है कि पानी की टंकी नहीं भर पाई है, जिससे नल नहीं आये हैं। नलों के चक्कर में नेहरू नगर वासियों को रात्रि में तीन बजे से जागना पड़ता है। जब जलापूर्ति दगा दे जाती है तो फिर लोग टैंकर आने का इंतजार करने लगते हैं। देखते ही देखते टैंकर पांच मिनट में खाली हो जाता है। कंबलों को हाथों में खाली बर्तन लेकर मायूस होकर अपने घर पर लौटना पड़ता है। मोहल्लेवासियों ने जिलाधिकारी से पानी की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।