संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला प्रशासन तालाबों से अवैध कब्जे हटाने और उनके जीर्णोद्धार की दिशा में सक्रिय हो गया है। मनरेगा के तहत तालाबों की प्राकृतिक संरचना बहाल करने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मनरेगा विभाग ने सभी विकासखंड अधिकारियों (बीडीओ) से तालाबों पर हुए अतिक्रमण तथा संभावित सुधार कार्यों से जुड़ी जानकारी मांगी है।
तालाब सिकुड़े, उपयोगिता घटी, अब होगी बहाली : जनपद की 415 ग्राम पंचायतों में वर्षों पहले बने छोटे-बड़े तालाब और पोखर ग्रामीणों तथा मवेशियों के लिए जलस्रोत का अहम आधार थे, लेकिन लंबे समय से उपेक्षा और अतिक्रमण के कारण इनमें से कई तालाब सिकुड़ गए। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कब्जे हटाने और मनरेगा से पुनर्जीवन कार्य कराने की पहल शुरू की है।
ब्लॉकों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट में जिले में कुल 373 तालाब चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 201 अमृत सरोवर भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण हटने के बाद तालाबों का आकार बढ़ेगा और मानसून के दौरान अधिक जल संचयन संभव होगा। इससे हरियाली और भूमि की नमी बनी रहेगी।