संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भीषण गर्मी से नदी-तालाब और पोखर सूखने लगे हैं। ग्रामीणों और मवेशियों को पानी की दिक्कत को देखते हुए सिंचाई विभाग ने जाखलौन पंप कैनाल और राजघाट बांध से संचालित होने वाली लोअर राजघाट कैनाल को चलाकर 30 तालाबों को लबालब करना शुरू कर दिया है।
विंध्याचल पहाड़ियों के बीच बसे जनपद को बांधों और नदियों का जिला कहा जाता है। यहां 14 बांध परियोजनाएं संचालित हैं, जबकि आधा सैकड़ा से अधिक छोटी-बड़ी नदियां हैं। इसके साथ यहां पर कुआं, बावड़ी और पुराने तालाब व पोखर हैं। वर्ष 2022 में शासन ने अमृत सरोवर योजना शुरू की थी। विभिन्न क्षेत्रों में 150 से अधिक तालाब बनाकर उनका जीर्णोद्धार कर उन्हें अमृत सरोवर का रूप दिया गया। बावजूद इसके गर्मी के दिनों में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कुछ क्षेत्रों में हालात यह हो जाते हैं कि लोगों को पानी के लिए टैंकरों पर आश्रित होना पड़ जाता है। अमृत सरोवरों और सिंचाई विभाग के तालाब भी सूख जाते हैं। कारण रबी के सीजन में किसान इन तालाबाें के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए कर लेते हैं। तालाबों के सूख जाने और लोगों सहित मवेशियों को पानी की दिक्कत को देखते हुए इस बार सिंचाई विभाग ने खाली हो चुके तालाबों को भरने की योजना तैयार की थी।
सिंचाई निर्माण खंड प्रथम ने अपने क्षेत्र के खाली हो चुके तालाबों की सूची तैयार की। 30 तालाब ऐसे मिले जो खाली हो चुके थे या होने की कगार पर थे। इन सभी तालाबों को भरने की प्रक्रिया सिंचाई विभाग ने शुरू की। जाखलौन पंप कैनाल (जेपीसी) से 13 और राजघाट बांध से निकली लोअर राजघाट नहर (एलआरसी) से 17 तालाब भरा जाना था। शुक्रवार को जेपीसी और एलआरसी कैनाल को खोलकर इन तालाबों को लबालब करना शुरू कर दिया। मुख्य नहरों का संचालन कर इनसे निकले रजवाहा और माइनरों से तालाबों को भरा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार गर्मी के दिनों में इन तालाबों के भर जाने से इन पर निर्भर गांव के लोगों को गर्मी के दिनों में काफी सहूलियत होगी। उन्हें पानी के लिए नहीं भटकना होगा।
एलआरसी से भरे जाएंगे ये तालाब
राजघाट बांध से निकली लोअर राजघाट नहर से ब्लॉक तालबेहट के तालबेहट का तालाब, सेरवांसकलां का तालाब, रामपुर तालाब, ककड़ारी तालाब, बनगुवां का तालाब, पवा का तालाब, उड़वा तालाब, घिसौली तालाब, ननौरा तालाब, जखौरा तालाब, बरौदास्वामी प्रथम तालाब, बरौदास्वामी द्वितीय तालाब, गुरसौरा तालाब, टेटा का तालाब शामिल है। ब्लॉक जखौरा का कल्यानपुरा तालाब, हर्षपुरा का तालाब, काली पहाड़ी का तालाब भी नहर के जरिये भरा जा रहा है।
जेपीसी से भरे जाने वाले तालाब
जाखलौन पंप कैनाल से ब्लॉक बिरधा अंतर्गत ग्राम आलापुर का तालाब, जीरोन का तालाब, नयागांव, नाला बम्हौरीकलां का तालाब भरा जाएगा। ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम दावनी का पुराना तालाब, दावनी का नया तालाब, ग्राम बुढ़वार स्थित खजुरिया तालाब, गनगौरा का तालाब, खुरा का तालाब, दैलवारा गांव का चेकडैम, पटौराकलां का तालाब, मड़वारी का तालाब, ग्राम दुर्जनपुरा का ब्याना नाला तालाब को लबालब किया जा रहा है।
गर्मी के दिनों में लोगों और मवेशियों को संकट का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए जेपीसी और एलआरसी के जरिये विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित तालाबों को भरना शुरू कर दिया है। तालाबों के लबालब हो जाने के बाद नहरों का संचालन बंद कर दिया जाएगा।
अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड