ललितपुर। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद भी तालाब खुदवाने का काम गति नहीं पकड़ सका है। जिले की 416 में से 101 ग्राम पंचायतों में ही मनरेगा के तहत तालाब खुदवाने के प्रस्ताव विभाग को मिले हैं। इसमें भी तमाम ग्राम पंचायतों में अभी तक काम प्रारंभ नहीं हो सका है। ऐसे में तालाब निर्माण कार्य में अफसरों की रुचि का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
इस समय समूचा जिला पेयजल समस्या से जूझ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राचीन जलस्रोत पूरी तरह सूख गए हैं। इसे ध्यान में रखकर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में तालाब खुदवाने/ जीर्णोद्घार कराने का निर्णय लिया है, इससे पानी के साथ रोजगार की भी समस्या का समाधान होने की संभावना जताई जा रही थी।
लेकिन, खंड विकास अधिकारियों की उदासीनता से डीएम की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है। जिले की 416 में 101 ग्राम पंचायतों में तालाब के काम शुरू करने के प्रस्ताव हैं। वर्तमान में 315 ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव आने बाकी है। इसके चलते रोजगार की समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
सूत्र बताते हैं कि जिन ग्राम पंचायतों में तालाब खुदवाने के प्रस्ताव हैं, उनमें से भी कई ग्राम पंचायतों में तालाब का काम आरंभ नहीं हो पाया है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी मौन बने हुए हैं।
इतनी ग्राम पंचायतों में होंगे तालाब के काम
विकासखंड जखौरा की 86 में से 38 ग्राम पंचायतों में 38 तालाब, ब्लाक बार की 62 में से 15 ग्राम पंचायतों में 15 तालाब, ब्लाक मड़ावरा की 65 की 16 ग्राम पंचायतों में 18 तालाब, ब्लाक बिरधा की 83 में से 13 ग्राम पंचायतों में 15 तालाब, ब्लाक महरौनी की 66 में 9 ग्राम पंचायतों में 15 तालाब और ब्लाक तालबेहट की 54 में से 10 ग्राम पंचायतों में 11 तालाबों के निर्माण का काम होना है।
बीडीओ की रिपोर्ट के मुताबिक बीते दिवस तक 105 तालाबों पर काम चल रहा था। डीएम व स्वयं करीब आधा दर्जन तालाबों का काम देख चुके हैं।
- नरेंद्र देव द्विवेदी
उपायुक्त (श्रम व रोजगार)