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अब मंत्री और आम आदमी में फर्क नहीं रहेगा

Thu, 20 Apr 2017 11:59 PM IST
lalitpur
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राजनी‌त‌ि - फोटो : demo pic
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वीआईपी कल्चर खत्म करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को लोग खूब सराह रहे हैं। राजनीति में स्टेटस सिंबल बन चुकी लाल बत्ती और हूटर हटाने के निर्णय को सराहते हुए आम लोगों के हित में सराहनीय कदम बताया। अमर उजाला ने जानी लोगों के मन की बात। जिसने जो कहा प्रस्तुत है-
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आम आदमी के प्रति धारणा बदलेगी             
मंत्रियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे मंत्रियों की आम आदमी के प्रति धारणा बदलेगी और मंत्री व आम लोगों के बीच अधिक दूरी नहीं रह सकेगी। ऐसे में मंत्रियों को अब आम लोगों के बीच रहकर काम कर अपनी पहचान बनानी होगी। निर्णय बिल्कुल सही है।             
विशाल नायक, नई बस्ती।              
    
निर्णय सही, अब शिक्षा भी निर्धारित हो             
आम लोगों के बीच मंत्रियों की कार्यप्रणाली व आम आदमी और मंत्रियों के फर्क को दूर करने के लिए लाल बत्ती हटाने का निर्णय बिल्कुल सही है। लेकिन अब किसी भी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की योग्यता व शिक्षा भी निर्धारित होनी चाहिए। एक आईएएस अब भी जनप्रतिनिधियों से अधिक योग्य होता है, जिसे 60 वर्ष बाद ही पेंशन का प्रावधान है या फिर कई पदों पर पेंशन खत्म भी कर दी गई है। लेकिन एक बाद विधायक, सांसद चुने जाने के बाद यह नियम उन पर लागू नहीं होते।             
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शिवम बोहरे, गांधीनगर। ,             
-             
शिक्षा में भेदभाव भी खत्म हो             
मंत्रियों की गाड़ियों से लाल बत्ती पर रोक सराहनीय निर्णय है, लेकिन केंद्र सरकार को सभी जनप्रतिनिधियों के बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाई अनिवार्य करने का निर्णय भी लेना होगा, तभी सरकारी स्कूलों की पढ़ाई के स्तर में सुधार हो सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार को यह निर्णय भी लेना होगा। अभी मंत्रियों के बच्चे प्राइवेट और आम लोगों के बच्चे सरकारी में पढ़ते हैं, जिससे स्कूलों की पढ़ाई में भी काफी अंतर है, इस अंतर को भी खत्म करना होगा।             
आलोक जैन, महावीरपुरा।

विशेष परिस्थितियों में करना चाहिए प्रयोग
लाल बत्ती की आड़ में जनप्रतिनिधि खुद को आम जन मानस से अलग दर्शाने की कोशिश करते थे। इससे आम आदमी व जनप्रतिनिधियों के बीच दूरियां बढ़ रही थी। तमाम लोग सही तरीके से अपनी बात भी नहीं रख पाते थे। लाल व नीली बत्तियों का इस्तेमाल विशेष परिस्थितियों में होना चाहिए।      हरीनारायण कटारे      
दवा विक्रेता।      

लोगों को लगता है भय
लाल बत्ती के प्रयोग से लोगों में भय का वातावरण बन रहा था। वहीं, हूटर से ध्वनि प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा था। मोदी सरकार का लाल बत्ती उतरवाने का निर्णय एकदम सही है।      
मनोहर उर्फ पप्पू विश्वकर्मा      
टेलर मास्टर।      

लाल बत्ती की आड़ में होने वाले अपराध रुकेंगे
लाल बत्तियों का कल्चर समाप्त होना सुखदायी है। कई लोग लाल बत्तियों का दुरूपयोग करने लगे थे कई तो इसकी आड़ में अपराध करने लगे थे। इससे परिवहन व्यवस्था को सुधारने में भी मदद मिलेगी।      
दीपक सिंघई      
रेडीमेड कपड़ा विक्रेता।

जनता के सेवक हैं, वीआईपी नहीं      
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से लेकर ग्राम प्रधान व वार्ड पार्षद तक सभी जनता के सेवक हैं। नेता लालबत्ती की गाड़ियों में घूमते समय वह यह भूल जाते हैं कि वह जनता के सेवक है। जब कभी लालबत्ती की गाड़ियों का काफिला आम रास्तों से गुजरता है तो साधारण व आम जनता को रोक दिया जाता है। इस आम जनता में कई लोग ऐसे होते हैं जिनको मंत्रीजी से पहले भी कहीं पर समय से पहुंचना जरुरी होता है या फिर कई बार जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा बीमार व्यक्ति भी इसमें फंस जाता है।   
-दिव्य ज्योति शुक्ल      
युवा नागरिक।      

जनता हो होने वाली समस्या से हो सकेगें रूबारू      
जब मंत्रियों व नेताओं की गाड़ियों में लालबत्ती नहीं रहेगी तो उनको भी आए दिन सड़कों पर लगने वाले जाम की स्थिति का सामना करना पड़ेगा। इससे वह भी जनता को होने वाली समस्याओं से रूबारू हो सकेंगे। यह फैसला आम जनता के सम्मान को बढ़ाने वाला फैसला है।      
-अनामिका      
स्थानीय महिला।      

मनोहर लाल ने हटाई लाल बत्ती
ललितपुर। वीआईपी कल्चर खत्म होने के बाद मंत्रियों ने अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती हटवानी शुरू कर दी है। ललितपुर जिले की महरौनी सीट से विधायक और प्रदेश सरकार के श्रम और सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ ने इस निर्णय के बाद अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटवा दी है। केंद्र सरकार के फैसले को देखते हुए यह निर्णय लिया है। स्टेटस सिंबल बन चुकी लाल बत्ती को हटाने का निर्णय सही है। इस संबंध में जब मनोहर लाल से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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