ललितपुर। प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष विधानसभा चुनाव के आए परिणामों पर एक दूसरे को घेरने में लगे हुए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने हार का ठीकरा समाजवादी पार्टी पर फोड़ दिया है तो बसपा ने ईवीएम में छेड़छाड़ होने का अंदेशा जताया है। वहीं, सपा ने वोटों के ध्रुुवीकरण की बात कही है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने इसे नकारते हुए विकास के मुद्दे पर वोट मिलने का दावा किया है।
विधानसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं। विशेषकर बसपा इन परिणामों को पचा नहीं पा रही है तो कांग्रेस अपनी हार के लिए सपा को कठघरे में खड़ा कर रही है। बसपा जिलाध्यक्ष जानकी प्रसाद अहिरवार का कहना है कि होली त्योहार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश प्राप्त होने पर हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। लेकिन, जिस तरह से भाजपा के पक्ष में मतदान हुआ है, उससे ईवीएम में गड़बड़ी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। बसपा सुप्रीमो मायावती पहले ही इस संबंध में अपना बयान दे चुकी हैं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन का कहना है कि भाजपा ने सपा, कांग्रेस के गठबंधन को गलत तरीके से पेश कर वोटों का ध्रुवीकरण कराया है। जिससे भाजपा के पक्ष में एकतरफा वोट पड़ा है। हालांकि ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी का वोट बढ़ा है। महरौनी विधानसभा में रमेश खटीक को पार्टी का सिंबल मिलने से गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में माहौल नहीं बन पाया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुुर्गाप्रसाद कुशवाहा का कहना है कि सपा का उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहने से मतदाता भ्रमित बने रहे। इसके अलावा सपा का वोट कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में नहीं गया जबकि ललितपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस समर्थकों ने सपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। हालांकि कांग्रेस का वोट पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़ा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को 40 हजार वोट मिला था जो इस चुनाव में बढ़कर 43 हजार हो गया। भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी एडवोकेट का कहना है कि मतदाताओं ने सपा सरकार से त्रस्त होकर भाजपा के पक्ष में वोट किया है। उन्होंने वोटों का ध्रुवीकरण किए जाने व ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।