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Lalitpur News: फर्रुखाबाद, पलवल, कानपुर और मथुरा से पुलिस ने जुटाए अभिलेख

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फर्जी डॉक्टर प्रकरण:
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कोलकाता, अलीगढ़ व रुड़की के शैक्षणिक संस्थानों के दस्तावेज एसपी के माध्यम से होंगे प्राप्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अमेरिका में रहने वाले बहनोई डॉ. राजीव गुप्ता के नाम व चिकित्सकीय दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कार्डियोलॉजिस्ट की नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार अभिनव सिंह के पूरे आपराधिक रिकार्ड की जांच में पुलिस टीमें बीते तीन दिनों से देश के विभिन्न राज्यों व जनपदों में डेरा डाले हुए हैं। फर्रुखाबाद, पलवल, कानपुर और मथुरा से पुलिस टीमों ने संबंधित अभिलेख संग्रहित कर लिए हैं।
बहनोई डॉ. राजीव गुप्ता की पहचान चोरी कर मेडिकल कॉलेज में उन्हीं के नाम से कार्डियोलॉजिस्ट के पद पर नौकरी करने का मामला सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद आरोपी अभिनव सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस पूरे फर्जीवाड़े की परत-दर-परत जांच कर रही है। नौकरी के दौरान प्रस्तुत किए गए डॉ. राजीव गुप्ता के नाम से जुड़े शैक्षणिक व चिकित्सकीय दस्तावेजों की जांच के लिए पुलिस की कुल पांच टीमें सोमवार को कोलकाता, रुड़की, फर्रुखाबाद, अलीगढ़ और कानपुर देहात रवाना हुई थीं। कोलकाता गई टीम ने वहां अभिनव सिंह द्वारा एमबीबीएस करने के दावे से जुड़े अभिलेखों की जांच की। अलीगढ़ गई टीम एमडी डिग्री से संबंधित दस्तावेज खंगाल रही है, जबकि रुड़की में इंजीनियरिंग से जुड़े प्रमाणपत्रों की पड़ताल की जा रही है।
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इसी क्रम में पुलिस की अन्य टीमों ने कानपुर के एक विद्यालय से अभिनव सिंह के हाईस्कूल, फर्रुखाबाद से इंटरमीडिएट परीक्षा के दस्तावेज जुटाए हैं। साथ ही मथुरा और पलवल से भी अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख संग्रहित किए गए हैं। कोलकाता, अलीगढ़ और रुड़की के संबंधित शैक्षणिक संस्थानों ने दस्तावेजों को एसपी के माध्यम से ललितपुर भेजने की बात कही है।पुलिस टीमों के वापस लौटने के बाद जेल में निरुद्ध अभिनव सिंह की मुश्किलें और बढ़ने की संभावना है तथा मामले में शिकंजा और कसेगा।
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लाइसेंसी असलहा के दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस
डॉ. राजीव गुप्ता के नाम से चिकित्सक की नौकरी करने के आरोप में गिरफ्तार अभिनव सिंह के पास एक लाइसेंसी असलहा भी पाया गया है। पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों को असलहा विभाग से मंगवाया है। इन प्रपत्रों की गहनता से जांच की जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार, प्रस्तुत किए गए दस्तावेज कूटरचित प्रतीत हो रहे हैं और इनमें कई विसंगतियां पाई गई हैं। ऐसे में शीघ्र ही शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर आरोपी अभिनव सिंह के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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