ललितपुर। ग्राम समूह आधारित पाइप पेयजल योजनाएं धनराशि के अभाव में दम तोड़ रही हैं। बीते माह इन परियोजनाओं की मरम्मत के लिए 989.14 लाख रुपये का स्टीमेट राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ग्राम्य विकास को भेजा गया था लेकिन शासन से पैसा नहीं मिला। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति सुदृढ़ नहीं हो पा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की प्यास बुझाने के लिए ग्राम स्तर पर 33 पाइप पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें आठ परियोजनाएं बंद हैं और अन्य आठ परियोजनाएं आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति दे रही हैं। इससे चिह्नित ग्रामों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। बम्होरीखड़ैत पेयजल योजना का बोर सूख गया है। खितवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन अवरुद्ध है और टंकी क्षतिग्रस्त है। पटउवा पेयजल योजना का बोर खराब हो गया है। पड़ोरिया परियोजना में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। पड़ना पेयजल योजना का बोर ध्वस्त है। वहीं, कोरवास पेयजल योजना का बोर धंस गया है। रीछपुरा मैनवार पेयजल योजना का भी बोर धंसा हुआ है। अंडेला टीला पेयजल योजना बोर खराब हो गया है। पाइप पेयजल योजना सौजना में दो से एक बोर में मोटर फंसी है। पाइप पेयजल योजना सिलावन की टंकी क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा गुरयाना, चांदौरा, ककरुवा, बरौदिया राईन, बछलापुर, जामुनधानाकलां में भी पेयजल की आपूर्ति गड़बड़ है। बीते माह इन परियोजनाओं की मरम्मत के लिए जल निगम के माध्यम से 989.14 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार कराया गया था। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ग्राम्य विकास ने इस स्टीमेट को गंभीरता से नहीं लिया है। इस कारण बजट जारी नहीं हो सका है।
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पेयजल परियोजनाओं की मरम्मत के लिए स्टीमेट तैयार किए जाने की जानकारी नहीं है। इसका पता लगाकर कुछ कह पाएंगे।
नवीन मिश्रा, डीपीआरओ